प्रधानमंत्री ने महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का किया कार्य – नायब सिंह सैनी
पार्टी के नये नेतृत्व से नई ऊर्जा, नया संकल्प और मिलेगी नई दिशा
प्रदेशाध्यक्ष संगठन और जनता के बीच मजबूत सेतु- मुख्यमंत्री
संगठन की हर गांव, वार्ड, बूथ, वर्ग तक पहुंच होगी अधिक मजबूत
चण्डीगढ, 3 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष संगठन का चेहरा और कार्यकर्ताओं की आशाओं का केंद्र होता है। वह संगठन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु होता है और पार्टी की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का माध्यम होता है। प्रदेशाध्यक्ष का पद बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला में नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को हृदय की गहराइयों से बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी ऐसे ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन रहे हैैं। जब भारतीय जनता पार्टी हरियाणा को एक नया नेतृत्व, नई ऊर्जा, नया संकल्प और नई दिशा प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सफल प्रदेशाध्यक्ष केवल संगठन का विस्तार नहीं करता, बल्कि कार्यकर्ताओं के मन को जोड़ता है। वह हर बूथ कार्यकर्ता के योगदान को सम्मान देता है। वह समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करता है। नए कार्यकर्ताओं को अवसर एवं नई ऊर्जा को दिशा देता है और संगठन को निरंतर गतिशील बनाए रखता है। नई प्रदेशाध्यक्ष इसी भावना के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी और उनके नेतृत्व में भाजपा संगठन हरियाणा के हर गांव, वार्ड, बूथ और समाज के प्रत्येक वर्ग तक और अधिक मजबूती के साथ पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा का संगठन बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त होगा। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। समाज के प्रत्येक वर्ग से संवाद और अधिक मजबूत होगा तथा पार्टी की जनसेवा की परंपरा और अधिक व्यापक रूप से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कोई साधारण राजनीतिक दल नहीं है। भाजपा एक विचार, संस्कार और आंदोलन है। राष्ट्र निर्माण का एक सत्त अभियान है। इसमें व्यक्ति नहीं, विचार बड़ा होता है। पद नहीं, जिम्मेदारी बड़ी होती है। भाजपा में सत्ता नहीं, सेवा सर्वोपरि होती है।
भाजपा में कार्यकर्ता सर्वोच्च, संगठन सर्वोपरि और राष्ट्रहित अंतिम लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल दायित्व ग्रहण का कार्यक्रम नहीं है। बल्कि, यह उस विश्वास का प्रतीक है जहां भाजपा में अवसर वंश के आधार पर नहीं, बल्कि क्षमता, समर्पण, परिश्रम और संगठन के प्रति निष्ठा के आधार पर मिलता है। यह केवल संगठन का कार्यक्रम नहीं है। यह एक विचार और नारी शक्ति के सम्मान का उत्सव भी है। भारतीय जनता पार्टी की उस जीवंत परंपरा का उत्सव है, जिसमें कार्यकर्ता सर्वोच्च, संगठन सर्वोपरि है, और राष्ट्रहित अंतिम लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में बन रहा नए भारत का स्वरूप
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में दूसरी बार किसी महिला को भारतीय जनता पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह हरियाणा की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान का क्षण है। यह उस बदलते हुए हरियाणा का प्रतिबिंब है, जहां महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में नए भारत का स्वरूप है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव नारी को शक्ति का स्वरूप माना है। लेकिन वर्षों तक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित रही। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस स्थिति को बदलते हुए देखा है। प्रधानमंत्री ने केवल नारी सम्मान की बात नहीं की, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का कार्य किया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने देश में बेटियों के प्रति सोच बदली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आगे बढाने का संकल्प लिया है। भाजपा के 12 साल में लाखों बेटियों को जीवनदान दिया है और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की महिलाएं सेना के मोर्चे और विज्ञान की प्रयोगशालाओं में अग्रणीय हैं। स्टार्टअप की दुनिया और खेल मैदानों के साथ लोकतंत्र के नेतृत्व में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। हरियाणा इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। नई प्रदेशाध्यक्ष का चयन भी इसी परिवर्तनकारी सोच का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां निर्बल नहीं आत्मनिर्भर है। इसलिए प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेवारी डा. गुप्ता को सौंपी है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी मिलकर संकल्प लें और पार्टी संगठन को अधिक मजबूत बनाएं। हर बूथ को सशक्त बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगे और हरियाणा के विकास को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोकहित में कार्य कर रही है और लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के साथ विकसित हरियाणा का लक्ष्य रखा है।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि पार्टी के लिए कार्यकर्ता होना ही गर्व है। बूथ से लेकर सभी पदाधिकारियों की महता और जिम्मेदारी होती है कि वेे संगठन को आगे बढ़ाते रहें। वे कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार जताया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए हरियाणा प्रभारी डा. सतीश पूनिया, केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह, सहप्रभारी सुरेन्द्र नागर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिहं, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, निवर्तमान अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष को शुभकामनाएं दी। समारोह में ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सहित मंत्री, सांसद, विधायक, बोर्ड एवं निगमों के चेयरमैन, मेयर एवं बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे।
क्रमांक 2026
पीएम सूर्य घर योजना में हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार, नई दिल्ली में होगा सम्मान
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में हरियाणा की बड़ी उपलब्धि, सौर ऊर्जा अभियान में देशभर में शीर्ष प्रदर्शन
पीएम सूर्य घर योजना में हरियाणा को तीन राष्ट्रीय अवॉर्ड, उपभोक्ता आवेदन, सोलर इंस्टॉलेशन और निरीक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
चंडीगढ़, 3 जून- हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज के नेतृत्व में राज्य के बिजली निगम ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ऊर्जा मंत्री द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में वे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग तथा बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते रहे हैं। इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि हरियाणा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 4 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम सूर्य घर के दो वर्ष : एक करोड़ छतों तक सौर ऊर्जा का विस्तार” के दौरान हरियाणा को तीन विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। मई 2026 के दौरान आयोजित “मंथ ऑफ सोलर” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हरियाणा का चयन “पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड” के लिए किया गया है।
हरियाणा को जिन तीन श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त होंगे, उनमें “मंथ ऑफ सोलर – सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन” श्रेणी में तृतीय स्थान (17,142 आवेदन), “मंथ ऑफ सोलर – सर्वाधिक सोलर इंस्टॉलेशन” श्रेणी में द्वितीय स्थान (11,983 स्थापना) तथा “मंथ ऑफ सोलर – सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन)” श्रेणी में तृतीय स्थान (12,514 निरीक्षण) शामिल हैं।
यह उपलब्धि हरियाणा सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व, ऊर्जा विभाग, हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में प्रारंभ की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य मार्च 2027 तक देशभर के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। वर्तमान में देश के 40 लाख से अधिक परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं तथा 32 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
हरियाणा में अब तक 86,152 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2027 तक 2 लाख 20 हजार रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में तेज गति से कार्य किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ सकें और बिजली बिलों में बचत का लाभ उठा सकें।
राष्ट्रीय कार्यक्रम में हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुड़े अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल यह सम्मान प्राप्त करेगा। यह उपलब्धि राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मान्यता है।
क्रमांक-2026
हरियाणा की बड़ी उपलब्धि, ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ में मिलेंगे तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
‘मंथ ऑफ सोलर’ अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हरियाणा को ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवॉर्ड’ हेतु गया है चुना
4 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया जाएगा सम्मान
चंडीगढ़, 3 जून- हरियाणा ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम सूर्य घर के दो वर्ष: 1 करोड़ छतों तक सौर ऊर्जा का विस्तार” के दौरान हरियाणा को तीन विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के विशेष ऊर्जा सचिव तथा उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मई 2026 में आयोजित “मंथ ऑफ सोलर” अभियान के दौरान बेहतरीन कार्य करने के लिए हरियाणा का चयन “पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवॉर्ड” के लिए किया गया है।
उन्होंने बताया कि मंथ ऑफ सोलर– अधिकतम उपभोक्ता आवेदन: तृतीय स्थान (17,142 आवेदन),
मंथ ऑफ सोलर – अधिकतम सोलर इंस्टॉलेशन: द्वितीय स्थान (11,983 स्थापना)
और मंथ ऑफ सोलर – अधिकतम डिस्कॉम निरीक्षण (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन): तृतीय स्थान (12,514 निरीक्षण) दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने अपने पत्र में हरियाणा की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, ऊर्जा विभाग, राज्य नोडल एजेंसी, दोनों बिजली वितरण निगमों (उत्तर एवं दक्षिण) तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और क्रियान्वयन साझेदारों के समर्पित प्रयासों का प्रतिफल है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक देश के 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। वर्तमान में देशभर में 40 लाख से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि 32 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में हरियाणा सरकार की ओर से योजना से जुड़े अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल यह सम्मान ग्रहण करेगा। इस उपलब्धि को राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ और हरित ऊर्जा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
क्रमांक-2026
हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन को किया मजबूत, नव पदोन्नत 33 नायब तहसीलदारों की प्रदेशभर में की नियुक्ति
चंडीगढ़, 3 जून – हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नव पदोन्नत 33 नायब तहसीलदारों की विभिन्न जिलों में नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं।
ये अधिकारी हाल ही में कानूनगो तथा जिला राजस्व लेखाकार (डीआरए) के पदों से पदोन्नत हुए हैं और इन्हें प्रदेश के विभिन्न राजस्व प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों के विरुद्ध नियुक्त किया गया है। यह आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा 2 जून 2026 को जारी किए गए।
इन जारी आदेशों के अनुसार सभी 33 अधिकारियों को अपने नए कार्यस्थलों पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य लंबे समय से रिक्त चल रहे राजस्व पदों को भरना तथा प्रदेश में भूमि प्रशासन, राजस्व संग्रहण, म्यूटेशन (नामांतरण) कार्य, रिकॉर्ड प्रबंधन और आमजन को दी जाने वाली सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
नियुक्त किए गए अधिकारियों में से कुछ को क्रमश: पानीपत, सिरसा, महेंद्रगढ़, कालांवाली, बेरी, हांसी, नारनौल, जगाधरी, वजीराबाद, फतेहाबाद, चरखी दादरी और हिसार जिलों में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त कई अधिकारियों को पलवल, मोहना, गोहाना, फरुखनगर, सांपला, सोनीपत, रतिया, करनाल, डबवाली, अंबाला, राय, प्रतापनगर (यमुनानगर), रोहतक तथा चंडीगढ़ स्थित वित्तायुक्त राजस्व कार्यालय में तैनात किया गया है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम कई जिलों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के साथ-साथ राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे में तेजी आएगी तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा।
क्रमांक—2026
स्पोर्ट्स, फिटनेस और वेलनेस पर जोर, मिशन ओलंपिक्स-2036 पर नजर
प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करने को हरियाणा की बहु-स्तरीय कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़, 3 जून-मिशन ओलंपिक्स-2036 को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करने का बीड़ा उठाया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन ओलंपिक्स-2036-विजयी भवः’ के तहत 8 से 10 वर्ष के आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग से प्रारंभिक वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है।
इसके साथ ही प्रदेश खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों के महत्व को देखते हुए हरियाणा खेल विश्वविद्यालय द्वारा ई-स्पोर्ट्स, खेल पत्रकारिता, खेल संचार और खेल प्रबंधन जैसे विषयों में विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में रोजगार और करियर के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
राज्य सरकार खेल नीति में संशोधन, दीर्घकालिक प्रतिभा विकास कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य के ओलंपियनों को तैयार करने तथा खिलाड़ियों को एकीकृत डिजिटल मंच के जरिए सरकारी सेवाओं तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इन पहलों की जानकारी आज यहां हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी को दी गई।
बैठक में दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान लिए गए निर्णयों पर हरियाणा द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में खेल एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों को युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी स्वीकृत कार्य बिंदुओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए विभागों को राष्ट्रीय रोडमैप के तहत निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।
खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि हरियाणा ने अपनी खेल नीति के संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे अंतिम बार वर्ष 2015 में अपडेट किया गया था। वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा और नवीनतम राष्ट्रीय खेल नीति तथा आधुनिक खेल प्रशासन की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों के लिए सुझाव देने के लिए एक समर्पित कार्य समूह का गठन किया गया है। प्रस्तावित संशोधन से खिलाड़ियों के कल्याण, प्रतिभा विकास कार्यक्रमों, खेल अवसंरचना तथा संस्थागत सहायता तंत्र को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने मुख्य सचिव को ‘खेलो हरियाणा ऐप’ की भी जानकारी दी। यह डिजिटल प्लेटफार्म खिलाड़ियों के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से छात्रवृत्ति, नकद पुरस्कार, रोजगार लाभ, खेल ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र, पेंशन और बीमा सुविधाओं सहित खिलाड़ियों के कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित खेल प्रतियोगिताओं की निगरानी तथा पूरे प्रदेश में उपलब्ध खेल अवसंरचना का वास्तविक समय में रिकॉर्ड रखने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली विकसित करने की योजना है।
बैठक मंे बताया गया कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें विकसित करने के लिए पहले से ही खेल नर्सरी, आवासीय अकादमियों और उत्कृष्टता केंद्रों की एक सुव्यवस्थित व्यवस्था मौजूद है। यह बहु-स्तरीय प्रणाली युवा खिलाड़ियों को जमीनी स्तर की भागीदारी से लेकर उन्नत प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी खेलों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
राज्य में ’माई भारत’ मंच पर 6.61 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं, जो युवाओं की विकासात्मक, शैक्षिक और सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में यूथ क्लबों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों का भी पंजीकरण किया गया है, जिससे युवा नेतृत्व और सहभागिता के अवसरों का विस्तार हुआ है।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष तथा विकास एवं पंचायत विभागों द्वारा बच्चों और युवाओं में शारीरिक साक्षरता, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने और प्रारंभिक आयु से ही शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से योग कार्यक्रमों, फिटनेस गतिविधियों और शारीरिक साक्षरता मूल्यांकन जैसी विभिन्न पहलें की जा रही हैं।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री अश्वनी मलिक सहित तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक – 2026
गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) की ऑडिट रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई, हरियाणा में आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तकनीकी ऑडिट में पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के दिए निर्देश
QAA की रिपोर्ट के आधार पर छः अधिकारी निलंबित
चण्डीगढ़, 3 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) द्वारा किए गए तकनीकी ऑडिट के दौरान सामने आई कमियों और अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा QAA द्वारा दी गई टिप्पणियों और निष्कर्षों पर संबंधित विभागों द्वारा तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
समीक्षा के उपरांत लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के तीन अधिकारियों तथा विकास एवं पंचायत विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के कुछ अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन के एक मामले में कार्य की गुणवत्ता संबंधी कमियों के कारण संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री गत दिनों चंडीगढ़ में गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, QAA के अध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि QAA द्वारा किए जाने वाले तकनीकी ऑडिट को सभी विभाग गंभीरता से लें तथा परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
QAA के अध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्राधिकरण की टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य तथा विद्युत क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं का तकनीकी ऑडिट किया है। इसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) की 18 परियोजनाएं, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 5, सिंचाई विभाग की 4, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम की 3, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की 3, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन की एक, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की 7, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की 4, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की एक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की 2 परियोजनाएं तथा विकास एवं पंचायत विभाग की 2 परियोजनाओं का ऑडिट किया गया।
प्रस्तुतीकरण में ऑडिट के दौरान साक्ष्यों के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं में पाई गई कमियों और गुणवत्ता संबंधी खामियों को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि QAA द्वारा इंगित प्रत्येक कमी को दूर करने के लिए तत्काल सुधारात्मक एवं उपचारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने तथा जहां आवश्यक हो, ठेकेदारों से रिकवरी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कई विभाग पहले ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।
बैठक में QAA के अध्यक्ष ने भविष्य की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की, जिसके तहत प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं का विभिन्न चरणों में सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, लागत-लाभ विश्लेषण तथा दीर्घकालिक उपयोगिता जैसे मानकों पर मूल्यांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए फ।। को संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ परामर्श कर इस ढांचे को और विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पूर्व में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी इंजीनियरिंग विभाग परियोजनाओं के डिजाइन एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) विभागीय स्तर पर तैयार करें अथवा आवश्यकता होने पर केवल QAA द्वारा पैनल में शामिल सलाहकारों की सेवाएं लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सलाहकार केवल तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे, जबकि परियोजनाओं के डिजाइन और डीपीआर की अंतिम जिम्मेदारी विभागों की ही होगी।
इसी प्रकार, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्धारित श्रेणी की सभी परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग एजेंसियों (TPIMA) की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। हालांकि, परियोजना की गुणवत्ता के लिए अंतिम जिम्मेदारी संबंधित विभागों की ही रहेगी।
पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने प्रत्येक निर्माण स्थल पर परियोजना संबंधी विवरण वाले क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं के अनावश्यक विभाजन पर भी रोक लगाने को कहा।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव और जल निकासी की समस्या के समाधान हेतु मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के डिजाइन और DPR तैयार करते समय ड्रेनेज और जल निकासी की व्यवस्था को समुचित रूप से शामिल किया जाए। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को नगर निगम क्षेत्रों, HSVP सेक्टरों और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों के किनारे नालों के निर्माण के लिए जिम्मेदारियों का निर्धारण शीघ्र करने के निर्देश दिए।
राज्य के सड़क नेटवर्क की गुणवत्ता और स्थायित्व बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में निकाली गई मिल्ड मेटिरियल का पुनः उपयोग सड़क एवं पुल कार्यों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निर्धारित विशिष्टताओं के अनुसार किया जाए। उन्होंने नहरों के किनारे राइट ऑफ वे (ROW) की पहचान, सीमांकन और संरक्षण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे डायनेमिक ब्रिज मैनेजमेंट सिस्टम एवं रखरखाव ढांचे तथा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा तैयार की जा रही ऊंची इमारतों एवं निजी अवसंरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता निगरानी नीति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन विषयों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शीघ्र अंतिम रूप देने और लागू करने के निर्देश दिए।
QAA के अध्यक्ष ने बताया कि इंजीनियरिंग विभागों के अधिकारियों को नवीनतम तकनीकों और आधुनिक इंजीनियरिंग पद्धतियों से अवगत कराने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार सार्वजनिक आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्चतम मानक सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ किया जाना चाहिए तथा सभी विभागों को आधुनिक तकनीकों, श्रेष्ठ इंजीनियरिंग पद्धतियों और मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभागों, अधिकारियों, सलाहकारों, ठेकेदारों और कार्यान्वयन एजेंसियों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परियोजना की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को QAA की टिप्पणियों और सिफारिशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे जवाबदेही मजबूत होगी, जनता का विष्वास बढ़ेगा और हरियाणा में आधारभूत ढांचा विकास की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
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