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पंजाब पुलिस के ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम को मिला बड़ा समर्थन; पंजाब भर के 280 स्कूलों के लगभग 11,200 विद्यार्थी उठा रहे हैं लाभ

पंजाब पुलिस के ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट’ कार्यक्रम को मिला बड़ा समर्थन; पंजाब भर के 280 स्कूलों के लगभग 11,200 विद्यार्थी उठा रहे हैं लाभ

स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम के माध्यम से पंजाब पुलिस जिम्मेदार नागरिकों, नेतृत्व कौशल और पुलिस-विद्यार्थी सहभागिता को और अधिक मजबूत बना रही है

पंजाब पुलिस की ‘यूथ कनेक्टिविटी’ पहल के तहत 2,663 कक्षाएं आयोजित; मार्गदर्शन, नागरिक जागरूकता और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को किया जा रहा है सशक्त

चंडीगढ़, 10 जून 2026

पंजाब पुलिस की ‘यूथ कनेक्टिविटी’ पहल के अंतर्गत संचालित ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट (एसपीसी)’ कार्यक्रम को पूरे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से व्यापक समर्थन और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत कुल 1,965 इनडोर और 698 आउटडोर कक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं।

जिम्मेदार नागरिक तैयार करने, नेतृत्व गुण विकसित करने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों और पुलिस के बीच संवाद का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस कार्यक्रम को स्कूली विद्यार्थियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 22 अगस्त 2023 को इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के नेतृत्व में राज्य के चयनित 280 स्कूलों के लगभग 11,200 विद्यार्थी इस कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “इस कार्यक्रम के अंतर्गत आठवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक माह एक इनडोर तथा दो आउटडोर कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। इसके अतिरिक्त एसपीसी विद्यार्थियों को डीसी और एसएसपी कार्यालयों, पुलिस थानों, सांझ केंद्रों, राज्य पुलिस अकादमी तथा अन्य शैक्षणिक महत्व के स्थानों का भ्रमण कराने का अवसर भी दिया जाता है।”

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 450 एसपीसी कैडेटों ने पंजाब पुलिस अकादमी का दौरा किया, जहां उन्होंने एसपीसी कार्यक्रम की रूपरेखा और साइबर सुरक्षा संबंधी सत्रों में भाग लिया, विचार-विमर्श में शामिल हुए तथा संग्रहालय, पुस्तकालय और फिल्लौर किले जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया।

विशेष पुलिस महानिदेशक (कम्युनिटी अफेयर्स एवं महिला मामलों) गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं और उन्हें अपने आसपास के वातावरण को बेहतर ढंग से समझने तथा जीवन में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वे पुलिस व्यवस्था को समझने और उसका सम्मान करने लगते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं के बौद्धिक विकास में सहायक होते हैं और उन्हें सरकार तथा पुलिस प्रणाली की कार्यप्रणाली से परिचित कराते हैं। इससे पुलिस के प्रति भय समाप्त होता है और आवश्यकता पड़ने पर सरकारी संस्थाओं से संपर्क करने का विश्वास पैदा होता है।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में एसपीसी विद्यार्थियों, चयनित स्कूलों के शिक्षकों और पंजाब के सांझ केंद्रों के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय सत्र आयोजित किया गया, जिसमें महाराजा रणजीत सिंह किला तथा पुलिस अकादमी की विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण भी शामिल था।

एसपीसी विद्यार्थियों ने पंजाब के 11 जिलों—अमृतसर, बठिंडा, एसएएस नगर, बरनाला, होशियारपुर, संगरूर, मालेरकोटला, पटियाला, फाजिल्का, एसबीएस नगर और गुरदासपुर—में आयोजित गणतंत्र दिवस परेडों में भाग लिया। प्रत्येक जिले से 40 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हुए आत्मविश्वास, टीम भावना और समर्पण का प्रदर्शन किया, जिससे यह पहल उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। परेड में भाग लेने वाले कुल 440 एसपीसी विद्यार्थियों को वर्दियां भी उपलब्ध कराई गईं।

गुरप्रीत कौर देओ ने कहा, “युवा अक्सर साथियों के दबाव और अभिभावकों के उचित मार्गदर्शन की कमी के कारण गलत गतिविधियों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। उन्हें भटकने से रोकने और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करने के लिए स्कूली विद्यार्थियों को समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों से जुड़े सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से पंजाब पुलिस ने उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता पहचानने और पुलिस के साथ खुलकर संवाद करने का मंच प्रदान किया है, जहां पुलिस उनके मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।”

एसपीसी पहल के अंतर्गत पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्य करता है। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों, शिक्षकों तथा सांझ केंद्रों में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए परिचय एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सांझ केंद्र पंजाब पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग इकाइयाँ हैं। यह पहल पंजाब सरकार की ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम को भी मजबूती प्रदान कर रही है, क्योंकि इसके माध्यम से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है और उनमें जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित की जा रही है।

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