By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: पंजाब में मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) 2026 के लिए चुनाव विभाग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को कहा कि राज्य की चुनाव मशीनरी भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार इस महत्वपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब ने यह बात 8 से 10 जून 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर कही। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 जून 2026 से शुरू होने वाली घर-घर गणना प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंजाब के 23 जिलों के 117 विधानसभा क्षेत्रों से करीब 650 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें अतिरिक्त डिप्टी चुनाव अधिकारी (एडीईओ), इलेक्टर रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ईआरओ), असिस्टेंट इलेक्टर रजिस्ट्रेशन अधिकारी (एईआरओ), चुनाव तहसीलदार, डिस्ट्रिक्ट मास्टर लेवल ट्रेनर और तकनीकी स्टाफ शामिल रहे।
अनिंदिता मित्रा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूचियों का सही और अद्यतन होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे एसआईआर 2026 के दौरान पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ भारतीय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां प्री-एसआईआर गतिविधियों के तहत 85 प्रतिशत से अधिक प्री-मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसे चुनावी तैयारियों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 11 जून से 24 जून 2026 तक राज्य के सभी जिलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि घर-घर सत्यापन और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों और शंकाओं का समाधान भी किया गया। साथ ही आईटी विशेषज्ञों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। अधिकारियों को तकनीकी प्रणालियों के उपयोग और उनके सही क्रियान्वयन की जानकारी दी गई ताकि एसआईआर 2026 अभियान को बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
पंजाब चुनाव विभाग का मानना है कि यह विशेष अभियान मतदाता सूचियों की शुद्धता बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।


