– अब तक 16.49 लाख पशुओं का हो चुका है टीकाकरण; गुरमीत खुड्डियाँ द्वारा पशुपालन विभाग को 30 जुलाई तक शेष रहते पशुधन का टीकाकरण करने के दिए निर्देश
– फील्ड स्टाफ प्रत्येक गाँव को कवर करना सुनिश्चित करे क्योंकि पशुओं के स्वास्थ्य और राज्य की डेयरी-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है टीकाकरण अभियान: गुरमीत खुड्डियाँ
चंडीगढ़, 8 जुलाई
मॉनसून सीज़न के दौरान राज्य के पशुधन की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब भर में 57.70 लाख से अधिक गायों और भैंसों को गलघोटू रोग से बचाने के लिए राज्य-स्तरीय टीकाकरण अभियान चलाया है।
इस अभियान के संबंध में विवरण साझा करते हुए पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियाँ ने बताया कि विभाग ने 30 जुलाई, 2026 तक 57,70,979 पशुधन का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में 16,49,598 पशुधन का पहले ही टीकाकरण किया जा चुका है, जो मॉनसून के दौरान होने वाली इस बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
स. खुड्डियाँ ने कहा, ‘समय पर टीकाकरण बरसात के मौसम में तेज़ी से फैलने वाले इस घातक संक्रमण से निपटने के लिए सबसे प्रभावी समाधान है। पंजाब सरकार पशुपालकों की आजीविका और पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध है।’
उन्होंने पशु मालिकों से अपील की कि वे तुरंत अपने नजदीकी सरकारी वैटेनरी संस्थानों से संपर्क करें और बिना किसी देरी के अपने पशुओं का टीकाकरण करवाएँ। उन्होंने कहा कि यह अभियान राज्य के सिविल वैटेनरी अस्पतालों और वैटेनरी डिस्पेंसरियों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से चलाया जा रहा है, जहाँ एच.एस. वैक्सीन आसानी से उपलब्ध है। विभाग ने कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया है और विशेष रैपिड-रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं ताकि सामान्य क्षेत्रों के साथ-साथ उच्च-जोखिम वाले और बाढ़-संभावित क्षेत्रों में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित की जा सके।
पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी ने विभाग के अधिकारियों को टीकाकरण अभियान में और तेज़ी लाने और 30 जुलाई, 2026 से पहले शेष रहते पशुधन को वैक्सीन लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड स्टाफ से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अभियान के तहत प्रत्येक गाँव को कवर किया जाए क्योंकि यह टीकाकरण पशुओं के स्वास्थ्य और राज्य की डेयरी-आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री भंडारी ने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
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