मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने लिया प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जींद से करेंगे भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ, कार्यक्रम होगा इको-फ्रेन्डली
चंडीगढ़, 16 जुलाई।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को जींद पहुंचकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को जींद से भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों व प्रबंधों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सभी कार्यक्रम पूरी तरह से इको-फ्रेन्डली होंगे। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक श्री केएम पांडुरंग तथा उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा सहित अनेक उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बृहस्पतिवार को जींद स्थित चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के जींद में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के प्रबधों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन पहुंचकर हाईड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रबंधों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यहां उन्होंने आमजन व वीआईपी एंट्री, एग्जीक्यूटिव लॉन्ज, कैफेटेरिया तथा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए सुविधाओं का जायजा लिया।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एकलव्य स्टेडियम के सामने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मैदान में आयोजित होने वाली ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ रैली की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आमजन के बैठने, पार्किंग व्यवस्था, पब्लिक के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोगों को पीने के पानी की कोई समस्या न आने पाए।
इस अवसर पर हांसी विधायक श्री विनोद भ्याणा, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक, चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी, भाजपा नेता श्री जवाहर लाल सैनी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
क्रमांक – 2026
फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान के लिए 3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन
चण्डीगढ़, 16 जुलाई – हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2026-27 के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों से तीन अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत किसानों के लिए फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं एवं वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किसानों को व्यक्तिगत श्रेणी में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर/मल्चर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर तथा ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर तीन अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, ट्रैक्टर की वैध आरसी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले किसानों को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने तथा पिछले तीन वर्षों में संबंधित कृषि यंत्र पर परिवार के किसी सदस्य द्वारा अनुदान नहीं लेने का शपथ पत्र देना होगा। व्यक्तिगत श्रेणी में प्रत्येक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकेगा। यदि किसान का चयन बेलर मशीन के लिए होता है तो वह रेक, स्ट्रॉ रेक अथवा श्रेडर मास्टर/रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला के सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जमा कराने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ऑनलाइन परमिट जारी किए जाएंगे। परमिट जारी होने के बाद किसान को 7 सितंबर, 2026 तक विभाग द्वारा अनुमोदित निर्माता/डीलर से कृषि यंत्र खरीदकर बिल, ई-वे बिल तथा जीपीएस लोकेशन सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। प्रतीक्षा सूची के किसानों को आवश्यकता अनुसार बाद में परमिट जारी किए जाएंगे। कृषि यंत्र निर्माता भी इस योजना के तहत विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत तथा जिनकी टेस्ट रिपोर्ट इस वर्ष भी वैध है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
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