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हरियाणा व पंजाब के राज्यपालों सहित केंद्रीय मंत्रियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से की शिष्टाचार भेंट

हरियाणा व पंजाब के राज्यपालों सहित केंद्रीय मंत्रियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से की शिष्टाचार भेंट

 

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष एवं पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री से की मुलाकात

 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय शिक्षा एवं खाद्य मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने भी की मुख्यमंत्री से भेंट

चंडीगढ़, 14 अगस्त- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष एवं पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज संत कबीर कुटीर में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से शिष्टाचार भेंट की। इसी दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय शिक्षा एवं खाद्य मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने भी संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दोनों राज्यपालों व केंद्रीय मंत्रियों को स्वागत किया। मुलाकात के दौरान हरियाणा के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में विचार-विमर्श हुआ। हरियाणा सरकार जनहित और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के सहयोग से नई योजनाओं और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है।

क्रमांक-2026

 

हरियाणा में नशे पर रोक और पुनर्वास के लिए चार-स्तरीय व्यवस्था

 

राज्य से लेकर गांवों के स्तर पर गठित कमेटियां करेंगी रोकथामउपचार और पुनर्वास की निगरानी

 

चंडीगढ़, 14 अगस्त-हरियाणा सरकार ने नशे की रोकथाम, उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने और सामुदायिक सहयोग बढ़ाने के लिए चार-स्तरीय कमेटियों का गठन किया है। ये कमेटियां राज्य, जिला, उपमंडल तथा ग्राम पंचायत व शहरी वार्ड के स्तर गठित की गई हैं।

राज्य स्तर पर गठित राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी होंगे। गृह, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, विकास एवं पंचायत, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, खेल विभाग के प्रधान सचिव तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव सदस्य इस समिति के सदस्य होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। सिविल सोसायटी, सूचीबद्ध गैर-सरकारी संगठनों या संबंधित विशेषज्ञों में से दो प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

यह समिति नशे मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य की कार्य योजना की निगरानी करेगी। समिति जागरूकता, उपचार, परामर्श, पुनर्वास और प्रशिक्षण से संबंधित वार्षिक एवं त्रैमासिक लक्ष्यों की समीक्षा करेगी तथा संबंधित विभागों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी।

यह समिति नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करेगी। इसके अलावा नशे की दृष्टि से संवेदनशील जिलों की पहचान कर उनके लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने, जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन करने तथा आवश्यक सुधार के निर्देश देने का कार्य करेगी। समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में होगी।

जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी। ये समितियां जिला स्तर की नशा रोकथाम कार्य योजना तैयार करेंगी, संवेदनशील क्षेत्रों और जोखिम वाले समूहों की पहचान करेंगी तथा स्कूलों, कार्यस्थलों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों की निगरानी करेंगी।

जिला समितियां नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के साथ-साथ नशा रोकथाम से जुड़े स्कूलों और केंद्रों का प्रत्येक तीन माह में निरीक्षण भी सुनिश्चित करेंगी।

उपमंडल स्तर पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में समितियां कार्य करेंगी। ये समितियां संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, नशा रोकथाम गतिविधियों की प्रगति की निगरानी तथा नशा मुक्ति एवं उपचार केंद्रों का मासिक निरीक्षण सुनिश्चित करेंगी।

स्थानीय स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम स्तरीय नशा मुक्ति टास्क फोर्स तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएंगी। इनमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ युवा, वरिष्ठ नागरिक और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इन टास्क फोर्स का मुख्य कार्य नशे के संभावित सेवन या तस्करी वाले स्थानों की पहचान कर उनकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना होगा। नशे की लत के लक्षण वाले व्यक्तियों को 72 घंटे के भीतर सरकारी स्तर पर अनुमोदित उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान संबंधित व्यक्ति की गोपनीयता और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

ग्राम एवं वार्ड स्तर की टास्क फोर्स ग्राम सभाओं और वार्ड सभाओं के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी। इनका उद्देश्य नशे की समस्या से जुड़े सामाजिक कलंक को मिटाना, लोगों को उपचार के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना और समुदाय में नशामुक्त माहौल तैयार करना होगा।

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