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किसानों की कातिल भाजपा से हाथ मिलाने के लिए उतावला हुआ अकाली दल-भगवंत सिंह मान

किसानों की कातिल भाजपा से हाथ मिलाने के लिए उतावला हुआ अकाली दल-भगवंत सिंह मान

हक मांगने पर 750 किसानों को मरवाने वाली भाजपा को पंजाब कभी माफ नहीं करेगा-भगवंत सिंह मान

अकाली और कांग्रेस के पास पंजाब को लेकर कोई एजेंडा नहीं, ये सिर्फ सत्ता के भूखे-भगवंत सिंह मान

पहले चोरों की सरकार थी तो कोई काम नहीं होता था, आज ईमानदार सरकार है, सारे काम हो रहे हैं-भगवंत सिंह मान

आज पंजाब के 90 फीसदी घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं-भगवंत सिंह मान

अकालियों ने पूरे पंजाब में नशा फैलाया, हम नशे पर काबू पा रहे हैं- भगवंत सिंह मान

करतारपुर; 27 अगस्त 2026:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शिरोमणि अकाली दल (बादल) द्वारा भाजपा से हाथ मिलाने के लिए उतावला होने पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 750 किसानों की हुई मौतों के लिए पंजाब के लोग भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे। करतारपुर के गांव काहलवां में ‘लोक मिलनी’ के दौरान उन्होंने कहा कि अकालियों और कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उन्हें सिर्फ सत्ता की भूख है, जबकि उनकी सरकार ने एक ईमानदार और जनकल्याणकारी प्रशासन के माध्यम से लोगों को वास्तविक लाभ पहुंचाए हैं।

90 फीसदी घरों के जीरो बिजली बिल, किसानों के लिए दिन में नहरी पानी और बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के दी गई 70,840 सरकारी नौकरियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग पहले वाली “चोरों की सरकार” और मौजूदा “ईमानदार सरकार” के बीच का फर्क साफ देख सकते हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में नशा फैलाने के लिए अकालियों पर निशाना साधा, जबकि यह दावा किया कि उनकी सरकार नशे की बीमारी पर काबू पा रही है।

‘लोक मिलनी’ की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा: “आज करतारपुर के गांव काहलवां में भारी जमावड़ा और लोगों का अपार प्यार देखकर मेरा दिल खुशी से भर गया। आपका यह उत्साह मुझे और भी अधिक ताकत देता है। हमारी सरकार ने पहले दिन से ही जनहित में फैसले लेने शुरू कर दिए थे। अब 90% घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं, किसानों को दिन में नहरी पानी मिल रहा है और 70,840 युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गई हैं।”

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा: “कल रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर ‘सतिकार योजना’ के तहत शगन की राशि भी मेरी बहनों के खातों में पहुंच जाएगी। मैंने गांव काहलवां के विकास के लिए पंचायत को 51 लाख रुपये का चेक भी सौंपा है। लोगों का पैसा पंजाब के लोगों पर ही खर्च किया जाएगा।”

‘लोक मिलनी’ के दौरान भारी जमावड़े को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, लोग मुझे अपार प्यार देते हैं, जबकि वे कांग्रेस और अकालियों से हाथ मिलाने से भी हिचकिचाते हैं। मैं पैसे कमाने के लिए राजनीति में नहीं आया, मैं लोगों की सेवा करने आया हूं। मैंने पंजाब और इसके लोगों की सेवा के लिए अपनी शोहरत पीछे छोड़ दी थी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पिछली सरकारों ने प्रदेश के युवाओं को नशे की ओर धकेला, जो कि उनके राजनीति में आने का एक मुख्य कारण था। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में आम आदमी पार्टी (आप) को ऐतिहासिक जनादेश दिया और प्रकाश सिंह बादल, चरणजीत सिंह चन्नी, कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कई सियासी स्तंभों को उनके पारंपरिक गढ़ों से हराया। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोगों ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके उन लोगों को हराया जिन्होंने उनके हितों के खिलाफ काम किया और उन्हें सियासी गुमनामी में भेज दिया। इसके बाद प्रदेश में एक ईमानदार सरकार ने बागडोर संभाली। इन पारंपरिक सियासी पार्टियों का एकमात्र एजेंडा पंजाब को बदनाम करना है। ये सिर्फ लोगों को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि पारंपरिक सियासी नेता इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे कि एक सामान्य परिवार का व्यक्ति प्रदेश चला रहा है और इसके लोगों की भलाई के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। उन्होंने कहा, “वे मुझसे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि मैं एक सामान्य परिवार से आता हूं और लोगों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं। ये नेता हमेशा मानते थे कि पंजाब पर राज करना उनका ईश्वरीय अधिकार है। वे यह हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी प्रदेश का शासन इतने अच्छे तरीके से कैसे चला रहा है। उन्होंने लंबे समय तक लोगों को मूर्ख बनाया, लेकिन अब लोग उनके भ्रामक प्रचार में नहीं आ रहे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने उन नेताओं को नकार दिया है जिन्होंने अपने सत्ता के सालों के दौरान महलों में समय बिताया और आम लोगों से दूर रहे। उन्होंने आगे कहा, “जो दावा करते थे कि वे 25 साल पंजाब पर राज करेंगे, लोगों ने उन्हें सियासी गुमनामी में भेज दिया है। आज उन्हें कमेटी बनाने के लिए पांच बंदे भी नहीं मिल रहे। पंजाब के समझदार और बहादुर लोगों ने इन अहंकारी नेताओं को उनके बुरे कामों का करारा सबक सिखाया है।”

अकाली दल पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों की पुश्तपनाही की और निर्दोष लोगों पर गोलियां चलवाईं। उन्होंने पंजाब को बेरहमी से लूटा, पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और प्रदेश में माफिया को शह दी। अकाली दल को पड़ा गया हर वोट बेअदबी के हक में जनादेश होगा। अकाली लीडरशिप ने पंजाब का जो नुकसान किया है, उसके लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने नशा तस्करी की पुश्तपनाही की और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे ने पैर पसारे।”

उन्होंने कहा, “सत्ता की लालसा खातिर अकाली दल अब भाजपा से गठजोड़ के लिए मिन्नतें रहा है, जिसके हाथ 700 से अधिक उन किसानों के खून से रंगे हैं जो किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शहीद हो गए थे। इस अकाली-भाजपा गठजोड़ की कोई विचारधारा या जनकल्याण की चिंता नहीं है। इसका एकमात्र मकसद पंजाब में सत्ता हथियाना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग ऐसी सियासी चालों से मूर्ख नहीं बनेंगे और दोनों पार्टियों को उचित जवाब देंगे। “अकाली नेताओं को हमेशा पंजाब या पंजाबियों से ज्यादा अपने हितों की चिंता रही है। अगर प्रधानमंत्री उनका हाल-चाल पूछने के लिए फोन भी करते हैं तो वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली से गठजोड़ के सपने देखने लग पड़ते हैं। ‘आप’ सिर्फ पंजाब और इसके लोगों के लिए प्रतिबद्ध है।”

कांग्रेस की आंतरिक फूट पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “वे अपने निजी सियासी हितों के लिए सत्ता के लिए लड़ रहे हैं, जबकि हम ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। हम आपस में नहीं लड़ते; हमारी लड़ाई उत्तम शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं और लोगों की भलाई के लिए है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उसका एकमात्र मकसद सत्ता में आकर प्रदेश की दौलत लूटना है। “कांग्रेस के पास लोगों और प्रदेश के लिए कोई एजेंडा नहीं है। इसका एकमात्र मकसद सत्ता हासिल करके पंजाब के खजाने को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस एक बंटा हुआ घर है जो अपनी आंतरिक लड़ाई के कारण ही ढह जाएगा। अफसोस की बात है कि उन्हें एकजुट करने आने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को भी यह नहीं पता होता कि उनके नामों का उच्चारण कैसे करना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पंजाब के विकास के लिए अथक मेहनत की है और यह सुनिश्चित किया है कि लोगों का पैसा समझदारी से जनकल्याण पर खर्च हो। “मैंने पंजाब के विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है। पिछली सरकारों की तरह मैंने कभी भी अपने लिए सरकारी खजाने में से एक रुपया भी नहीं मांगा। इसके बजाय, मैंने यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।”

उन्होंने कहा कि लोगों के बेटे और भाई के नाते वह उनकी तकलीफों को समझते हैं और महलों की ऐशो-आराम वाली जिंदगी जीने के बजाय लोगों की पहुंच में रहे हैं। “पहले किसी भी शासक ने लोगों की तकलीफों के बारे में विस्तार से बातचीत करने और सेवा भावना से उनका समाधान करने के लिए इस तरह लोगों के बीच आकर काम नहीं किया। वे अहंकारी सियासतदार अपने बड़े बंगलों की ऊंची दीवारों के पीछे सीमित रहे। मैं हमेशा मैदान में रहा हूं, लोगों से फीडबैक लेता हूं और विकासोन्मुखी एवं जनपक्षीय नीतियां बनाता हूं।”

पंजाब सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश में अन्य स्थानों पर जनता के क्षेत्र के संसाधनों का निजीकरण किया जा रहा है, जबकि उनकी सरकार ने 1,080 करोड़ रुपये में एक निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदा है। पहले ‘जी.वी.के. थर्मल पावर प्लांट’ के नाम से जाने जाने वाले इस प्लांट का नाम बदलकर तीसरे सिख गुरु, ‘श्री गुरु अमरदास जी’ के नाम पर रखा गया है। “लोगों का पैसा लोगों का है। हम प्रदेश के खजाने का एक-एक पैसा उनकी भलाई के लिए समझदारी से खर्च कर रहे हैं। विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों का पैसा लोगों के पास वापस आ रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज पंजाब में 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है, जो एक मिसाल है। पहले ‘चोरों की सरकार’ होती थी जहां कोई काम नहीं होता था। आज ‘ईमानदार सरकार’ है और सारे काम हो रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम गांवों के विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। युवाओं को नशे से दूर करने के लिए प्रदेश भर में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। शिक्षा भी हमारी मुख्य प्राथमिकता है और हमने शिक्षा क्षेत्र को बदलने के लिए क्रांतिकारी पहलकदमियां की हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कोई भी मुफ्त की चीज या रियायती कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता। शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसीलिए हमारी सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने और आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के निवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। “जब हम सत्ता में आए थे तो सिर्फ 26 फीसदी क्षेत्र ही नहरी सिंचाई के अधीन था। आज यह बढ़कर 80 फीसदी हो गया है, जिससे हमारे किसानों को भारी लाभ हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पंजाब के लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है। “मुख्यमंत्री सेहत योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। पंजाब ऐसी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला पहला भारतीय राज्य है। इस योजना ने स्वास्थ्य सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है।”

‘मांवां धियां सतिकार योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘मांवां धियां सतिकार योजना’ के तहत 18 साल से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1,000 रुपये और एस.सी. महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसकी पात्र हैं। पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद थी और राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के उपहार के रूप में ‘मांवां धियां सतिकार योजना’ के लाभार्थियों को रक्षाबंधन के त्योहार पर 28 अगस्त को उनकी किस्त मिल जाएगी। “इस रक्षाबंधन पर ‘मुख्यमंत्री मांवां धियां सतिकार योजना’ की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता की किस्त मिलेगी। मैं बाकी बची पात्र महिलाओं से अपील करता हूं कि वे अपना पंजीकरण करवाएं और अधिकतम लाभ उठाएं।”

इस अवसर पर विधायक बलकार सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और अन्य भी उपस्थित थे।

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