कम शिक्षित युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतू बेहतर कार्य योजना बनाई जाए – मुख्यमंत्री*
*जेलों में भी चलाए जा रहे हैं शिक्षित एवं स्किल डिवलेपमेंट प्रोग्राम*
*टेली ईसीजी सेवाएं देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य*
*लाडो लक्ष्मी योजना के लाभ से कोई पात्र महिला वंचित न रहे*
चंडीगढ़, 2 सितम्बर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कम शिक्षित युवाओं के बैकग्राउंड में जाकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए और उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर कार्य योजना क्रियान्वित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गुड प्रेक्टिस आफ वेरियस डिपार्टमेंट द्वारा प्रेजेंटेशन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, डा. सुमिता मिश्रा, जी अनुपमा, ए के सिंह, विजयेन्द्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि जेलों में स्किल डिवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत राज्य की 5 जेलों में आईटीआई चलाई जा रही है ताकि जेलों से अभ्यर्थी बाहर आकर आसानी से अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकें। इनमें 8 विभिन्न ट्रेडों में एक साल का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 123 युवाओं ने आईटीआई पास कर ली है। इसके अलावा 20 जेलों में तीन माह तक का शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स भी करवाया जा रहा है जिसमें 1604 युवाओं ने पंजीकरण किया।
बैठक में बताया गया कि जेलों में उल्लास योजना के तहत भी 3321 युवाओं को उच्च स्तर की शिक्षा के लिए पंजीकृत किया गया है। इसी प्रकार एजुकेशनल प्रोग्राम के तहत इग्नु एवं एनआईओएस से शिक्षा मुहैया करवाने के लिए एनरोलमेंट किया गया है।
उन्होंने बताया कि कैदियों की जनसख्यां के शैक्षणिक प्रोफाईल अनुसार राज्य की विभिन्न जेलों में 3346 अशिक्षित युवा हैं। इसलिए उन युवाओं का विस्तार से सर्वे किया जाए और यह जानकारी एकत्र की जाए कि वे किस वजह से कम शिक्षित रहे है।
*हर पेड़ की जीयोटेगिंग सुनिश्चित की जाए*
वन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल एक करोड़ 40 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के अनुरूप 70 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। इसमें ग्रीन कवर मियावाकी योजना के 19 क्षेत्रों में एक एकड़ से अधिक भूखण्ड पर पौधारोपण किया गया है। शहरों में एक लाख पौधे लगाकर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से उनके सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं तथा हर पेड़ की जीयोटेगिंग सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 200 से अधिक नर्सरियों में 1392 टाईप के पौधे विकसित किए जा रहे हैं तथा पौधारोपण कर उनका तीन साल तक पालन करने की जिम्मेवारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में सफेदा के पौधे लगाए जाएं तथा पिछले साल लगाए गए पौधों में से कितने जीवित रहे उनकी रिपोर्ट भी तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
*2157 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित*
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि टेली ईसीजी सर्विस देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसके सभी 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली ईसीजी सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। इसके माध्यम से 1086 रोगियों को गम्भीर बीमारी का समय पर पता चला और उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेशनल टीबी प्रोग्राम के तहत 2157 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। निक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी रोगियों को दवाईयों एवं 1000 रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा डे केयर सेंटर में कैंसर रोगियों को सुविधाएं दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस एवं कायाकल्प प्रोग्राम के तहत 22 जिलों में से 16 जिला अस्पातालों में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने के साथ ही नवीनीकरण किया जा चुका है तथा शेष अस्पतालों का कार्य दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत जिला एवं उपमण्डल अस्पतालों में बीपी, सुगर, कैंसर, एनसी, पीएनसी, वेक्सिनेशन, न्यूट्रीशन, मेंटल हेल्थ एवं व्यस्कों की काउंसलिंग सुविधाएं सुलभ करवाई जा रही है। चालू वर्ष के दौरान 220247 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
सेवा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हर पात्र महिला को सुनिश्चित किया जाए। कोई भी पात्र महिला लाभ लेने से वंचित नहीं रहनी चाहिए। दिव्यांग, विधवा, वृद्धावस्था एवं विदुर लोगों को दी जाने वाली पेंशन एवं वितीय सहायता प्रो ऐक्टिव मोड से दी जा रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन, सचिव गृह विभाग आमना तसनीम सहित सेवा, स्वास्थ्य, गृह एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक 2026
डॉ. अरविंद शर्मा ने मोहाली एयरपोर्ट पर हरियाणा पर्यटन के टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन एंड फैसिलिटेशन सेंटर का किया शुभारंभ
AI ऐप ‘सरस्वती’ बनेगा पर्यटकों का डिजिटल गाइड
पर्यटन मंत्री बोले—‘घूमण आओ, हरियाणा देखो… बदलता प्रदेश खुद सुनाएगा अपनी कहानी’
चंडीगढ़, 2 सितंबर – हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली के आगमन टर्मिनल पर हरियाणा पर्यटन विभाग के टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन एंड फैसिलिटेशन सेंटर (TIFC) का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने कहा कि यह महज एक सूचना केंद्र नहीं, बल्कि हरियाणा की संस्कृति, विरासत, आस्था, प्रकृति और ग्रामीण जीवन को देश-दुनिया के पर्यटकों से जोड़ने का नया माध्यम है। उन्होंने कहा कि “घूमण आओ, हरियाणा देखो… बदलता प्रदेश खुद सुनाएगा अपनी कहानी” हरियाणा पर्यटन का संदेश होगा।
मोहाली एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले पर्यटकों को हरियाणा के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और आयोजनों की जानकारी के साथ बुकिंग संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।
AI ऐप ‘सरस्वती’ देगा पर्यटन स्थलों की त्वरित जानकारी
TIFC की प्रमुख विशेषताओं में AI आधारित ‘सरस्वती’ ऐप शामिल है। यह ऐप पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत, संस्कृति, मेलों, आयोजनों और पर्यटन सुविधाओं के बारे में त्वरित एवं इंटरैक्टिव जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न स्थलों की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ हरियाणा भ्रमण की योजना बनाने में भी इस ऐप की सहायता ले सकेंगे। यह पहल हरियाणा पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की संस्कृति, विरासत और पर्यटन को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के विजन तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा अपनी पर्यटन क्षमता को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान अब केवल खेती-किसानी, उद्योग और खेल तक सीमित नहीं है। कुरुक्षेत्र की गीता, सूरजकुंड की कला, पिंजौर की विरासत, मोरनी की पहाड़ियां, ढोसी पहाड़ी की आस्था और गांवों की संस्कृति प्रदेश को पर्यटन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं।
सूरजकुंड को सालभर का सांस्कृतिक केंद्र बनाने की तैयारी
डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्ष 2026 में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 53 देशों के 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अब सूरजकुंड मेला परिसर का सालभर विवाह, सांस्कृतिक और अन्य आयोजनों के लिए उपयोग करने तथा सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेलों के आयोजन की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सूरजकुंड को हरियाणा के ‘ग्लोबल कल्चरल शोकेस’ के रूप में विकसित करना है।
एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन पर भी जोर
पर्यटन मंत्री ने बताया कि टिक्कर ताल, तिलयार झील और हथनीकुंड बैराज जैसे स्थलों को साहसिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। जल क्रीड़ा, नौकायन, बनाना बोट, जेट स्की और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ढोसी पहाड़ी पर रोपवे परियोजना की तैयारी की जा रही है, जबकि आदिबद्री में भी रोपवे की संभावनाओं पर कार्य चल रहा है।
कुरुक्षेत्र में पर्यटन विकास का उल्लेख करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि ज्योतिसर में 205.58 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत अनुभव केंद्र विकसित किया गया है, जबकि विराट स्वरूप में 13.63 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश एवं ध्वनि शो तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से महाभारत की विरासत का जीवंत अनुभव कराना है।
गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ना चाहती है। प्रदेश में अब तक 11 होम स्टे और 38 फार्म पर्यटन स्थल हरियाणा पर्यटन के साथ पंजीकृत हो चुके हैं तथा पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है—पर्यटक आए तो गांव की जेब भी भरे।”
डॉ. शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से होटल, रेस्तरां, टैक्सी, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान, फार्म टूरिज्म और छोटे कारोबारों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पिंजौर के यादविंद्र गार्डन को हेरिटेज वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की पहल भी इसी सोच का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में हरियाणा पर्यटन की नई आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई तथा ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पर्यटन निगम की संपत्तियों को प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर भी सूचीबद्ध किया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि TIFC आकार में भले ही छोटा है, लेकिन इसका उद्देश्य बहुत बड़ा है—हरियाणा की कहानी को देश और दुनिया तक पहुंचाना। सरकार हरियाणा को ऐसा पर्यटन प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जहां पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि रुकें, प्रदेश को देखें और बार-बार लौटकर आने की इच्छा रखें।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के एमडी श्री पार्थ गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी के सीईओ श्री योगेश कुमार, सीआईएसएफ के कमांडेंट श्री संतोष सुमन, प्रोटोकॉल अधिकारी श्री अजीत जी, निजी सचिव श्री सुनील लाकड़ा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
क्रमांक : 2026
सुमित चावला
*प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर सरकार का विशेष जोर : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-II विस्तार को लेकर राज्य वित्त समिति की बैठक में हुई चर्चा*
*अस्पताल में करीब 505 नए बेड जुड़ेंगे, बेड क्षमता 600 से बढ़कर 1100 होगी*
*एमबीबीएस सीटों की संख्या 120 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव*
*ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट, आईसीयू, आईसीसीयू सहित नेफ्रोलॉजी और न्यूरो सर्जरी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं होंगी उपलब्ध*
चंडीगढ़,2 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, आधुनिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं को भी लगातार मजबूत कर रही है, ताकि आमजन को गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में करनाल स्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-II विस्तार को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मौजूद थी। फेज-II के तहत अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और क्षमता में बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। इससे करनाल सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हर वर्ष 120 एमबीबीएस विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है तथा 64 पीजी सीटें हैं। अस्पताल में करीब 600 बेड की क्षमता है।
फेज-II के तहत अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए 404.95 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट एवं बर्न वार्ड, आईसीयू, आईसीसीयू, जनरल मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और मनोरोग विभाग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा हेलिपैड तथा अन्य जरूरी सहयोगी एवं सहायक सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा। प्रस्तावित विस्तार के तहत अस्पताल में करीब 505 नए बेड जोड़े जाएंगे। इससे अस्पताल की कुल बेड क्षमता लगभग 600 से बढ़कर 1100 बेड हो जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य जटिल मामलों के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी और क्षेत्र में विशेषज्ञ एवं सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिला क्षमता को 120 सीटों से बढ़ाकर 250 सीट करने का प्रस्ताव है। इससे मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की ट्रेनिंग के लिए संस्थान की क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। फेज-II के तहत कुछ निर्माण कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 169.58 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त हॉस्टल और आवासीय सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल परिसर के फेज-II विस्तार का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
फेज-II विस्तार के माध्यम से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य में शैक्षणिक, क्लीनिकल और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए भी
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