उद्यमियों को समयबद्ध प्रोत्साहन राशि जारी करने की दिशा में नायब सरकार का बड़ा कदम*
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को जारी किए 311.25 करोड़ रुपये*
*निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण पर सरकार का जोर*
चंडीगढ़, 10 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट घोषणा में प्रोत्साहनों के वितरण में पारदर्शिता, और समयबद्धता के तहत, एमएसएमई निदेशालय और उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 670 लाभार्थियों को कुल 311 करोड़ 25 लाख रुपये की पहली प्रोत्साहन राशि ई-कुबेर (कोषागार) के माध्यम से जारी की।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बजट प्रस्तुत करते हुए घोषणा की थी कि इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन जमा करने और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद पात्र प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत 7 कार्य दिवसों के भीतर अग्रिम रूप से जारी किया जाएगा। शेष 50 प्रतिशत पात्र प्रोत्साहन राशि आवेदन की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद 45 कार्य दिवसों के भीतर जारी की जाएगी। इस प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राज्य सरकार प्रोत्साहनों के समयबद्ध वितरण, उद्यमियों को हर संभव सहयोग प्रदान करने और हरियाणा में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रोत्साहनों का समय पर जारी होना उद्यमों के लिए महत्वपूर्ण है।
हरियाणा की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजित करने और प्रदेश के लोगों के लिए अवसर पैदा करने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), मेगा एवं बड़े उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज जारी की गई प्रोत्साहन राशि में एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (HEEP) के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति (LWR) के तहत 4 लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये, जबकि उद्योग निदेशालय की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (HEEP) के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।
इसके अलावा, प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। वहीं, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, प्रोग्राम टू एक्सलरेट डेवलपमेंट फॉर एमएसएमई एडवांसमेंट (PADMA) के तहत 2 लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम (MSE CDP) के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेशभर के उद्यमों के लिए विभिन्न योजनाएं और नीतियां लागू कर रही है, जिसमें प्रोत्साहनों के समयबद्ध वितरण, पारदर्शी प्रक्रिया और पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभाग पूरे हरियाणा में उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), मेगा एवं बड़े उद्योगों को सहयोग प्रदान करने तथा विभिन्न नीतियों के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
क्रमांक – 2026
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 50 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,890 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की*
*दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त के रूप में 10.10 लाख बहनों के खातों में 212.16 करोड़ रुपये की राशि जारी*
*उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की 7 योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी*
*डबल इंजन सरकार का संकल्प: हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ*
चंडीगढ़, 10 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1 हजार 890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि जारी की। इनमें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की किस्त, बुजुर्गों व दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरतमंद परिवारों को दयालु योजना की आर्थिक सहायता, गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजना का लाभ सीधे, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 11वीं किस्त जारी की गई है। इसके तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक 11 किस्तों में 2 हजार 254 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आगामी 17 सितंबर से 1 लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के. मकरंद पांडुरंग, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्री विवेक कालिया, श्री मनीष लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*35 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,129 करोड़ रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1 हजार 129 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ अपनाया है। परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना कार्यालयों के चक्कर काटे तथा बिना आवेदन किए घर बैठे ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान पारदर्शिता और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इसके अलावा, दयालु योजना के तहत 4 हजार 520 परिवारों को 168 करोड़ 13 लाख 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इनमें दयालु योजना-2 के 70 परिवार भी शामिल हैं। आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 89 हजार 56 परिवारों को 3 हजार 320 करोड़ 61 लाख 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
*5 लाख बहनों को 19.68 करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर-हर गृहिणी योजना’ के तहत जुलाई माह में गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख बहनों के बैंक खातों में आज 19 करोड़ 68 लाख रुपये की सब्सिडी भी ट्रांसफर की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 14 लाख 65 हजार पात्र बहनों के बैंक खातों में कुल 359 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
*किसानों को भावांतर भरपाई की सौगात*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू, फूल गोभी और शहद के लिए 6 हजार 177 किसानों को 49 करोड़ 89 लाख रुपये की भावांतर राशि जारी की गई है। इसमें आलू के लिए 6 हजार 12 किसानों को 48 करोड़ 9 लाख रुपये, फूल गोभी के लिए 99 किसानों को 46 लाख 76 हजार रुपये तथा शहद के लिए 66 किसानों को 1 करोड़ 32 लाख 73 हजार रुपये की राशि शामिल है।
आलू की भावांतर राशि अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकुला जिलों के सब्जी उत्पादक किसानों को जारी की गई है। फूल गोभी की राशि अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों के किसानों को दी गई है। वहीं, शहद की राशि अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और यमुनानगर जिलों के मधुमक्खी पालकों को जारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 45 हजार 764 किसानों को 246 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि भावांतर भरपाई के रूप में दी जा चुकी है।
*उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की 7 योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311.25 करोड़ रुपये*
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न 7 योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि बजट अभिभाषण में इस बारे घोषणा की गई थी।
उन्होंने कहा कि इसी घोषणा को पूरा करते हुए आज विभिन्न स्कीमों के लाभार्थियों को 311.25 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब, किसान, महिला, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और समयबद्ध तरीके से मिले। पारदर्शी व्यवस्था, डीबीटी और प्रो-एक्टिव मॉडल के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र व्यक्ति को लाभ लेने के लिए किसी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार आज विभिन्न 26 योजनाओं के तहत कुल 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1 हजार 890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
क्रमांक – 2026
दिल्ली-एनसीआर में आबोहवा की गुणवत्ता सुधार को लेकर हरियाणा सरकार के ठोस प्रयास
मुख्य सचिव ने की यमुना एक्शन प्लान और दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी कार्ययोजनाओं की समीक्षा
132 एमएलडी क्षमता के छह एसटीपी निर्माणाधीन, 304 एमएलडी क्षमता के छह एसटीपी के उन्नयन का कार्य जारी
चंडीगढ़, 10 सितंबर—हरियाणा में जल एवं वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट उपचार, गांवों में अपशिष्ट जल प्रबंधन, बायोगैस, पराली प्रबंधन, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और हरित क्षेत्र बढ़ाने के कार्यों को गति दी जा रही है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां यमुना एक्शन प्लान तथा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्ययोजनाओं की समीक्षा की और विभिन्न विभागों को निर्धारित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
यमुना एक्शन प्लान की समीक्षा के दौरान यमुना बेसिन में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, गांव स्तर पर अपशिष्ट जल प्रबंधन और बायोगैस परियोजनाओं की जिलेवार प्रगति की समीक्षा की गई। अंबाला, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम और करनाल के मंडलायुक्तों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने बताया कि बजघेड़ा, खेड़वा (सोनीपत), रादौर रोड (यमुनानगर), ददलाना (पानीपत), बादशाहपुर (फरीदाबाद) और सोढापुर (पानीपत) में कुल 132 एमएलडी क्षमता के छह एसटीपी निर्माणाधीन हैं। सभी छह परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इसके अलावा गोहाना, सुनारिया (रोहतक), लाइन पार (बहादुरगढ़), हसनपुर (पलवल), धनवापुर और बहरामपुर (गुरुग्राम) में कुल 304 एमएलडी क्षमता के छह एसटीपी के उन्नयन का कार्य चल रहा है। कई अन्य एसटीपी परियोजनाएं भी निविदा, तकनीकी मूल्यांकन और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
औद्योगिक अपशिष्ट जल के उपचार के लिए प्रस्तावित सीईटीपी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। फरीदाबाद के प्रतापगढ़ में प्रस्तावित 50 एमएलडी सीईटीपी के लिए 10 अगस्त को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं और बोली जमा करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर है। मिर्जापुर में प्रस्तावित 25 एमएलडी सीईटीपी की डीपीआर एवं अनुमान की जांच की जा रही है, जबकि 15 एमएलडी बादशाहपुर सीईटीपी का 200.17 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया जा चुका है।
पानीपत में सैनी कॉलोनी के निकट पुराने औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेन नंबर-2 में औद्योगिक अपशिष्ट के प्रवाह को रोकने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने 14 इकाइयों का निरीक्षण किया, जिनमें से चार डिफॉल्टर इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
गांव स्तर पर सीवेज एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन के तहत अब तक पांच कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि सात कार्य प्रगति पर हैं। प्योंत, चंदौली, काछवा, निगदू और मंडौला में कार्य पूरे हो चुके हैं। सोनीपत के कटवाल में तीन-तालाब प्रणाली का कार्य जारी है।
राज्य में 650 टन प्रतिदिन की संयुक्त क्षमता वाली तीन नई अथवा प्रस्तावित बायोगैस परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। सोनीपत के राय-जाखौली में 400 टीपीडी क्षमता का संयंत्र निर्माणाधीन है, जबकि फरीदाबाद के मोहना-बल्लभगढ़ में 100 टीपीडी क्षमता की परियोजना का अनुमान तैयार कर गैर-अनुसूचित मदों की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
दिल्ली एवं एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चिन्हित उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, धूल एवं कचरे से होने वाले प्रदूषण, पराली जलाने की रोकथाम तथा हरित क्षेत्र बढ़ाने से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
पुराने ट्रकों और बसों को बदलने में सहायता देने हेतु परिवर्तन योजना का पोर्टल अब संचालित हो चुका है। योजना के तहत पहला आवेदन 22 जुलाई, 2026 को प्राप्त हुआ। बैठक में पात्र ट्रक एवं बस मालिकों को योजना के लिए पंजीकरण और भागीदारी हेतु सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
पराली प्रबंधन के लिए एक्स-सीटू और इन-सीटू दोनों उपायों पर जोर दिया जा रहा है। कम्प्रेस्ड बायोगैस तकनीक में हुई प्रगति को देखते हुए छोटे स्तर के बायोमास संयंत्रों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन उपायों को कृषि विभाग और हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा लागू किया जाएगा।
वन विभाग को पौधारोपण लक्ष्यों को पूरा करने, वृक्ष आवरण बढ़ाने तथा छोटे हरित क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.क
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