Homepunjabपी.एस.आई.सी. ने राज्य स्तरीय आर.टी.आई. दिवस मनाया*

पी.एस.आई.सी. ने राज्य स्तरीय आर.टी.आई. दिवस मनाया*

पी.एस.आई.सी. ने राज्य स्तरीय आर.टी.आई. दिवस मनाया*

*आर.टी.आई. अधिनियम पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण साधन : अमन अरोड़ा*

*सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर “आर.टी.आई. एंड गुड गवर्नेंस” पुस्तक जारी*

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर:

पंजाब राज्य सूचना आयोग द्वारा आज यू.टी. स्टेट गेस्ट हाउस, चंडीगढ़ में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के लागू होने के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सूचना का अधिकार दिवस मनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 एक महत्वपूर्ण कानून है जिसने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत किया है।

इस कार्यक्रम के अवसर पर पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह धन्ना की संरक्षकता में पंजाब के राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा लिखित पुस्तक “आर.टी.आई. एंड गुड गवर्नेंस” जारी की गई। यह पुस्तक सूचना का अधिकार ढांचे के महत्व तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जिम्मेदार प्रशासन को प्रोत्साहित करने में इसकी भूमिका को समर्पित है। इस प्रकाशन का उद्देश्य आर.टी.आई. अधिनियम के उद्देश्यों और प्रावधानों, पिछले 21 वर्षों में इसके विकास तथा समकालीन कानूनी और प्रशासनिक विकास के संदर्भ में सूचना शासन के उभरते पहलुओं के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंजाब के सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 ने सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना के अनुसार सरकार लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए होनी चाहिए तथा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकारी संस्थानों का पारदर्शी और जवाबदेह होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और देरी के लिए जवाबदेही तय करके सुशासन को और मजबूत किया जा रहा है।

यह आर.टी.आई. दिवस कार्यक्रम पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह धन्ना, राज्य सूचना आयुक्तों संदीप धालीवाल, वरिंदरजीत सिंह बिलिंग, हरप्रीत संधू, डॉ. भूपिंदर सिंह बाठ, श्रीमती पूजा गुप्ता तथा पंजाब के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्तों राजन कश्यप, आई.ए.एस. (सेवा-मुक्त), रमेश इंदर सिंह, आई.ए.एस. (सेवा-मुक्त), एस.एस. चन्नी, आई.ए.एस. (सेवा-मुक्त), जस्टिस हरनरेश सिंह गिल, डी.जी.पी. चंडीगढ़ सागरप्रीत सिंह हुड्डा, पश्चिमी कमांड से कर्नल जगदीप संधू के नेतृत्व में तथा पंजाब सरकार के वरिष्ठ पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारियों, हाई कोर्ट के पूर्व जजों और पंजाब राज्य भर से पी.आई.ओज. की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री राजन कश्यप, संस्थापक और सी.आई.सी. पंजाब ने आर.टी.आई. अधिनियम लागू करने के शुरुआती दिनों की अपनी यादें साझा कीं। इस अवसर पर पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त रमेश इंदर सिंह और एस.एस. चन्नी ने भी अपने विचार साझा किए।

“आर.टी.आई. एंड गुड गवर्नेंस” पुस्तक में भारत के मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस सूर्य कांत, पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा भारत के मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल, आई.ए.एस. (सेवा-मुक्त) के विशेष संदेश दर्ज हैं। उनके ये संदेश इस प्रकाशन के संवैधानिक और लोकतांत्रिक महत्व को उजागर करते हैं, जिसकी ताईद (पुष्टि) भारत के पहले मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबउल्ला और पंजाब के पहले मुख्य सूचना आयुक्त राजन कश्यप द्वारा की गई है। पंजाब राज्य सूचना आयोग की संरक्षकता में पंजाब के राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा लिखी गई यह पुस्तक जागरूकता बढ़ाने, आर.टी.आई. ढांचे को जिम्मेदारी से लागू करने को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की संस्कृति पैदा करने की प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह कार्यक्रम बड़े जनहित में अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की निरंतर आवश्यकता को मान्यता देने के साथ-साथ पिछले 21 वर्षों की उपलब्धियों पर विचार करने का एक विशेष अवसर बना।
——–

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments