चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने और कथित तौर पर 50 हजार रुपये का चालान भरने के लिए कहे जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पंजाब विधानसभा में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि फ्रांस जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें करीब दो घंटे तक बैठाकर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि सामान की जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिलने के बावजूद अधिकारियों ने चालान भरने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि अधिकारियों ने उन पर ऊपर से दबाव होने की बात कही थी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित केंद्रीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
फ्रांस दौरे की अनुमति को लेकर उठाए सवाल
भगवंत सिंह मान ने बताया कि उन्हें पंजाब में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के निमंत्रण मिलते हैं। उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी की यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दौरों से पंजाब में निवेश लाने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, फ्रांस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेले में भारतीय कंपनियां और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने बताया कि पंजाब की मार्कफेड इकाई सोहना ने भी वहां अपना स्टॉल लगाया था। उनके मुताबिक, दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें अपने स्टॉल देखने के लिए आमंत्रित किया था।
मान ने कहा कि केंद्र से अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। उनके अनुसार, अदालत ने उन्हें प्रोटोकॉल देने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वापसी के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें दो घंटे तक रोका गया और सामान की जांच के बाद भी चालान भरने के लिए कहा गया।
ज्ञानेश कुमार के भाई को लेकर भी लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई का जिक्र करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ हुई घटना राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
एनएसए और चुनाव आयोग के कामकाज पर भी निशाना
भगवंत मान ने अपने संबोधन में एक छात्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाए जाने और 15 वर्षीय लड़की से माफी मंगवाने के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की कथित प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से जोड़ते हुए न्यायिक निर्देशों के पालन पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्तों से महत्वपूर्ण फैसलों पर पर्याप्त सलाह नहीं ली जाती और निर्णय लेने की शक्तियां केंद्रीकृत हैं।
अपने संबोधन में मान ने केंद्र सरकार पर सरकारी संस्थाओं के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
news written by Priyanka Thakur


