महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समतामूलक एवं संस्कारवान समाज के निर्माण का आधार : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा*
*महापुरुषों की विरासत को संजोने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध*
*महर्षि वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम आयोजित*
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर। महर्षि वाल्मीकि जी ने महाकाव्य रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन, रिश्तों की मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं हमें जाति, वर्ण और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और परस्पर सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव पर आधारित सशक्त एवं संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है।
यह बात लोकनिर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने सोमवार को हिसार के लघु सचिवालय सभागार में महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, संतों और महापुरुषों की धरती है। महर्षि वाल्मीकि जी का साहित्य और जीवन दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो पीढय़िों को सत्य, मर्यादा, मानवता और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी शिक्षाएं समाज में भाईचारे, समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आधार हैं। वाल्मीकि समाज ने भी हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है। समाज के योगदान और उसकी गौरवशाली विरासत का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि वर्तमान समय में जहां रिश्तो को लेकर खटास पैदा हो रही है और सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है ऐसे में पवित्र ग्रंथ रामायण से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जातियों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जातियों के योगदान का सम्मान करने और समाज के वंचित वर्गों को आगे बढऩे के समान अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जातियों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया गया है। सफाई कर्मचारियों के हितों और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का भी गठन किया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को शिक्षा, रोजगार तथा आर्थिक सहायता के माध्यम से सशक्त बनाया जाए। इसी दिशा में सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए कोटा आरक्षित किया गया है, ताकि उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं और पात्र व्यक्तियों को उनका लाभ लेने के लिए जागरूक करें।
नलवा विधायक श्री रणधीर पनिहार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे, सद्भाव और परस्पर सम्मान के साथ रहने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलेंगे और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, तभी सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हरियाणा का निर्माण संभव होगा। विधायक ने नागरिकों से महर्षि वाल्मीकि जी के विचारों को अपने आचरण में उतारने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की। विधायक ने कहा कि सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि प्रदान की जाती है। इस प्रकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस मौके पर आबकारी एवं कराधान विभाग के संयुक्त निदेशक श्री कृष्ण कुमार ने महर्षि वाल्मीकि जी की रचनाओं/शिक्षाओं की सरल शब्दों में व्याख्या करते हुए इनकी वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता का उल्लेख किया।
इस अवसर पर समाजसेवी श्री जगदीश जिंदल, अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, बीडीसी चेयरमैन श्री अजय गावड़, नगराधीश श्री रोहित कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार, सफाई कर्मचारी संगठन के प्रदेश सचिव श्री राकेश कुमार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
हरियाणा में अब तक 37.27 लाख मीट्रिक टन धान की हुई आवक और 30.69 लाख मीट्रिक टन की हुई खरीद – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर
कुल आवक का 82 प्रतिशत धान खरीदा गया, 23.34 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ पूरा; 2,22,154 किसानों को मिला लाभ, एमएसपी के तहत 4,263 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ भुगतान
निजी व्यापारियों ने भी खरीदा 38,770 मीट्रिक टन धान, औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर – हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की धान की फसल की सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान प्रदेश की मंडियों में धान की आवक, खरीद, उठान और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार का विशेष ध्यान इस बात पर है कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले।
मंत्री श्री राजेश नागर ने बताया कि 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में कुल 37.27 लाख मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई है और 30.69 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इस प्रकार कुल आवक का लगभग 82 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। प्रदेश में भारत सरकार द्वारा निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन के खरीद लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 53 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एक दिन में लगभग 1.01 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 0.36 लाख मीट्रिक टन की खरीद दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि खरीदे गए धान में से 23.34 लाख मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 76 प्रतिशत है। एक दिन में लगभग 1.38 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया गया। मंत्री ने कहा कि मंडियों में खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि मंडियों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे और फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्री नागर ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,22,154 किसानों को धान खरीद प्रक्रिया का लाभ मिला है तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत किसानों को लगभग 4,263 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि भुगतान संबंधी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर पूरी की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड (हैफेड) तथा हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है। उपलब्ध एजेंसीवार आंकड़ों के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 16.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जो उसके 23.20 लाख मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य का लगभग 71 प्रतिशत है। विभाग द्वारा 12.90 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है।
इसी प्रकार, हैफेड ने 9.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जो उसके 23.20 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का लगभग 40 प्रतिशत है। हैफेड द्वारा 7.21 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। वहीं, हरियाणा राज्य भंडारण निगम ने 4.87 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जो उसके 11.60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का लगभग 42 प्रतिशत है। निगम द्वारा 3.23 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। तीनों एजेंसियों द्वारा कुल 30.69 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद और 23.34 लाख मीट्रिक टन का उठान किया गया है।
25 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, कुरुक्षेत्र में 8.23 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 7.64 लाख मीट्रिक टन की खरीद दर्ज की गई है। जिले में 6.47 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 84.75 प्रतिशत है। कैथल में 6.76 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 5.94 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है, जबकि 4.55 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठान किया गया है। करनाल में 5.60 लाख मीट्रिक टन की आवक, 4.32 लाख मीट्रिक टन की खरीद और 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक का उठान दर्ज किया गया है।
जिला-वार रिपोर्ट के अनुसार, अंबाला में 4.13 लाख मीट्रिक टन धान की आवक, 3.60 लाख मीट्रिक टन की खरीद और 2.91 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ है। फतेहाबाद में 3.62 लाख मीट्रिक टन से अधिक की आवक और 2.50 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद दर्ज की गई है। यमुनानगर में 3.09 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 2.70 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है, जबकि 2.31 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठान किया जा चुका है। यमुनानगर में कुल खरीद के मुकाबले उठान लगभग 85.78 प्रतिशत रहा है। हिसार, जींद, सिरसा, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, पलवल, झज्जर, हांसी और फरीदाबाद सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी खरीद प्रक्रिया जारी है।
जिला-वार रिपोर्ट में उठान की स्थिति के संबंध में मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी मंडियों में धान के उठान की नियमित समीक्षा करें। जिन जिलों में उठान की गति अपेक्षाकृत कम है, वहां खरीद एजेंसियों को आवश्यक कदम उठाकर उठान में तेजी लानी चाहिए, ताकि मंडियों में फसल रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे और किसानों को अपनी उपज लाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
एजेंसीवार भुगतान के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा किसानों को लगभग 2,375.62 करोड़ रुपये, हैफेड द्वारा 1,329.76 करोड़ रुपये तथा हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा 558.38 करोड़ रुपये का भुगतान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में कुल भुगतान लगभग 4,263.76 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। मंत्री ने कहा कि किसानों को भुगतान में तेजी लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
श्री राजेश नागर ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसियों के अतिरिक्त निजी व्यापारियों द्वारा भी धान की खरीद की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, निजी व्यापारियों ने अब तक 38,770 मीट्रिक टन धान खरीदा है। निजी व्यापारियों द्वारा खरीदे गए धान का औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है, जबकि विभिन्न लेन-देन में भाव 2,461 रुपये से 2,965 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा है।
मंत्री ने कहा कि मंडियों में खरीद व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए, किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए और खरीद कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही, खरीदे गए धान के उठान और भुगतान प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि किसानों का हित प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसानों की फसल की खरीद निर्धारित नियमों के अनुसार हो, उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिले और भुगतान समय पर किया जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप अपनी फसल मंडियों में लेकर आएं और खरीद प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करें।
मंत्री ने कहा कि सभी खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के दौरान धान की खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेगी तथा प्रदेश के किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्रमांक-2026
*महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से मानवता को जीवन जीने का मार्ग दिखाया : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत कबीर कुटीर में मनाई गई महर्षि वाल्मीकि की राज्यस्तरीय जयंती*
*हिसार में निर्माणाधीन वाल्मीकि छात्रावास के लिए 31 लाख रुपये देने की घोषणा*
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से संसार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराया। उनकी रचना केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि युगों-युगों तक मानवता को जीवन जीने का मार्ग दिखाने वाली है। महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें धैर्य, परिश्रम, अटूट विश्वास, करुणा, शिक्षा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत कबीर कुटीर में आयोजित महर्षि वाल्मीकि जी की राज्यस्तरीय जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में निर्माणाधीन वाल्मीकि छात्रावास के लिए 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, साथ ही कहा कि शीघ्र ही छात्रावास के भूमि पूजन के अवसर पर वहां जाएंगे।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ऐसे महान संत थे, जिन्होंने अंधकार में ज्ञान का दीप जलाया। कठिन समय में माता सीता को अपने आश्रम में स्थान देने के साथ-साथ उन्होंने उनके बच्चों को उच्च शिक्षा और संस्कार प्रदान किए। शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को एक अलग पहचान मिली।उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से प्रेरणा मिलती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, व्यक्ति को धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए।
भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनका राज्याभिषेक होना था, उस समय उन्हें वनवास जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़े। रामायण हमें संदेश देती है कि धैर्य, परिश्रम और अटूट विश्वास से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
*महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारना ही सच्ची श्रद्धा*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने जाति से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाओं के प्रति श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए। किसी व्यक्ति के साथ जन्म, जाति, आर्थिक स्थिति या काम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ भी इसी भावना को आगे बढ़ाता है। सरकार का प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और हर व्यक्ति सम्मान के साथ आगे बढ़े।
*अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के सम्मान का उल्लेख*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गौरव की बात है कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य मंदिर के निर्माण के हम साक्षी बने हैं। मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं। अयोध्या धाम में हवाई अड्डे का नाम भी महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखा गया है।
*महापुरुषों के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास* :
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत महापुरुष प्रचार-प्रसार योजना के तहत महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य उनके विचारों और संदेशों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है, ताकि युवा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष संत कबीर कुटीर में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है और अगले वर्ष इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना, हर नीति और हर निर्णय में महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं और उनके दिखाए मार्ग की भावना समाहित है। उनकी करुणा, स्वाभिमान और मानवता का संदेश सरकार के कार्यों का आधार है।
*शिक्षा और युवाओं के लिए सरकार की योजनाएं*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग तथा छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि धन की कमी के कारण किसी भी बच्चे की प्रतिभा उसकी राह में बाधा न बने। उन्होंने छात्रवृत्ति के संबंध में कहा कि लाभार्थी बच्चों के खातों में राशि पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में हाल ही में हुई पुलिस की भर्ती के दौरान समाज के 604 बच्चों का हरियाणा पुलिस में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चे आगे बढ़ रहे हैं और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
*अनुसूचित जातियों और सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए आयोग*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जातियों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग तथा सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सम्मान, स्वाभिमान और क्षमता को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है।
*हर वर्ग को ध्यान में रख कर कर रहे है काम:*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मकान उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। जिन परिवारों के पास मकान बनाने के लिए जगह नहीं है, उन्हें भी प्लॉट उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति का सम्मान, स्वाभिमान और उसकी क्षमता सरकार की योजनाओं के केंद्र में है।
*जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने का संकल्प लें*
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकट उत्सव पर सभी को जात-पात और ऊंच-नीच के हर भेदभाव को मिटाने तथा सामाजिक समरसता के सूत्र में बंधकर हरियाणा को विकसित भारत का अग्रणी प्रदेश बनाने का संकल्प लेना चाहिए। हरियाणा के तीन करोड़ लोगों को मिलकर प्रदेश के विकास और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करना है। महर्षि वाल्मीकि जी के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
*महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज को समरसता और सदाचार का मार्ग दिखाती हैं : कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से समाज को शिक्षा, सत्य, अच्छे कर्म और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि वे सभी 36 बिरादरियों को साथ लेकर चल रहे हैं और संत-महापुरुषों की जयंतियां राज्य स्तर पर मनाकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं।
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का संदेश था कि शिक्षित होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि बेटियों को शिक्षा हासिल करने के लिए दूर न जाना पड़े। उन्होंने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने की योजना का भी जिक्र किया और कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना तथा जरूरतमंदों की मदद करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक श्री कपूर सिंह वाल्मीकि, मेयर श्री श्याम लाल बंसल, पूर्व मंत्री श्री विशंबर वाल्मीकि, सफाई आयोग के चेयरमैन श्री ईश्वर सिंह पलाका, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, सफाई आयोग के सदस्य श्री संजीव धारू, श्री चंद्रप्रकाश बोस्ती, पार्षद मनीषा जांगडा, श्री अमरनाथ सोदा, जिलाअध्यक्ष श्री अजय मित्तल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
क्रमांक – 2026
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल गुजरात में निवेशकों से करेगा संवाद, प्रदेश में निवेश के नए अवसरों पर रहेगा फोकस*


