Homeपंजाबपंजाब में जनकल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी, विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

पंजाब में जनकल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी, विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

पंजाब में जनकल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी, विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026। पंजाब विधानसभा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता को जारी रखने के समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में कहा गया कि राज्य के संसाधनों का उपयोग लोगों को आर्थिक राहत, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना, मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के हितों की रक्षा की जाएगी। साथ ही, सरकार से प्रत्येक वार्षिक बजट में इन योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि निर्धारित करने और समय पर लाभ पहुंचाने का आग्रह किया गया।

महिलाओं और परिवारों को मिलने वाली सहायता

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत 80 लाख से अधिक महिलाओं के पंजीकरण का उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में सामान्य पात्र महिलाओं के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये और पात्र अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की सहायता का जिक्र है।

इसके अलावा, महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, पात्र बेटियों के विवाह के लिए आशीर्वाद योजना के तहत 51,000 रुपये की सहायता और परिवारों को राहत देने वाली अन्य योजनाओं का उल्लेख किया गया।

मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

प्रस्ताव के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखने का समर्थन किया गया। कृषि ट्यूबवेलों के लिए मुफ्त बिजली को भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत बताया गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक के उपचार कवरेज और आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मेरी रसोई योजना के तहत मुफ्त राशन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना जैसी पहलों को भी जारी रखने की बात कही गई।

विपक्षी दलों के बयानों पर आपत्ति

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च को पैसे की बर्बादी बताना उचित नहीं है। उनके अनुसार, इन योजनाओं से महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता मिलती है।

विधानसभा के प्रस्ताव में कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेताओं के उन बयानों पर आपत्ति जताई गई, जिन्हें सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के हितों के विपरीत बताया। सदन ने संबंधित राजनीतिक दलों से इन योजनाओं पर अपना रुख स्पष्ट करने का आह्वान किया।

बजट में पर्याप्त राशि रखने का प्रस्ताव

विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव में तीन प्रमुख बातें शामिल हैं। पहली, सभी पात्र लाभार्थियों के लिए मौजूदा जनकल्याणकारी योजनाएं और वित्तीय सहायता जारी रखने का समर्थन। दूसरी, हर साल के बजट में इनके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना। तीसरी, लाभार्थियों को अपमानित करने वाले बयानों की निंदा करना और सहायता वापस लेने की धमकियों को खारिज करना।

इस प्रस्ताव के जरिए पंजाब विधानसभा ने सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सदन का रुख दर्ज किया।

news written by Priyanka Thakur

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