जालंधर, 27 अक्टूबर 2026। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर नीलकांत शर्मा ने हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 में भारत के अभियान के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की है। हॉकी इंडिया ने उनके योगदान की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मणिपुर के रहने वाले 31 वर्षीय नीलकांत ने मंगलवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में अपना 163वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। भारत ने यह मैच 13-0 से जीता, जिसमें नीलकांत ने भी एक गोल किया। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी में उनका 20वां गोल रहा।
टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा
नीलकांत शर्मा भारतीय हॉकी के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश की कई बड़ी उपलब्धियों में योगदान दिया। वह टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इस पदक के साथ भारत ने ओलंपिक हॉकी में 41 साल बाद पदक जीता था।
उन्होंने 2022 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत की स्वर्ण पदक जीत में भी अहम भूमिका निभाई। इसके बाद जापान में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता। इस तरह नीलकांत लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
जूनियर हॉकी से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर
नीलकांत ने अपने करियर की शुरुआत जूनियर हॉकी से की थी। उन्होंने 2015 में जूनियर एशिया कप जीता और 2016 में लखनऊ में आयोजित एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने।
उन्होंने 2017 में बेल्जियम के खिलाफ सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया। इसके बाद वह भारतीय मिडफील्ड का अहम हिस्सा बने। उनके करियर में 2018 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, 2019 एफआईएच पुरुष सीरीज फाइनल्स और 2023 व 2024 की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की खिताबी जीत भी शामिल रही। उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी प्रतिनिधित्व किया।
संन्यास के बाद मणिपुर में हॉकी के विकास पर ध्यान
अपने फैसले पर नीलकांत ने कहा कि उन्होंने एशियाई खेलों के दौरान कोच से इस बारे में चर्चा की थी। उन्हें लगा कि आगामी टूर्नामेंट के बाद अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का यह सही समय है।
उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक को अपने करियर के सबसे यादगार पलों में से एक बताया। साथ ही, 2026 एशियाई खेलों में भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतने पर खुशी जताई। नीलकांत ने कहा कि वह भविष्य में हॉकी से जुड़े रहना चाहते हैं और अपने गृह राज्य मणिपुर में इस खेल के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी नीलकांत की मेहनत, समर्पण और भारतीय हॉकी में उनके योगदान की प्रशंसा की।
news written by Priyanka Thakur


