मावां-धीयां की फौज से नशे का कारोबार रोकने के लिए गांवों और मोहल्लों में ‘ठिकरी’ पहरा देने की अपील: बीबा हरसिमरत कौर बादल
(दलजीत सिंह के पार्थिक शरीर का मानसा विरोध स्थल पर ले जाते समय पुलिस द्वारा ‘‘अपहरण’’ करना निंदनीय)
(खरड़ में मावां-धीयां की रैली में बड़ी संख्या में पहुंचने के लिए महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया)
खरड़/28अक्टूबर: शिरोमणी अकाली दल की वरिष्ठ नेता बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आज पार्टी द्वारा बनाई गई मावां धीयां दी फौज से अपील की है कि राज्य में बेरोकटोक चल रहे ड्रग व्यापार पर रोक लगाने के लिए सभी गांवों और मोहल्लों में ‘ठिकरी पहरा’ देने की अपील की है।
बठिंडा सांसद ने कहा यहां महिलाओं की विशाल सभा की अध्यक्षता करते हुए कहा,‘‘ पंजाब की महिलाओं के लिए नशे की इस बुराई को खत्म करना उनकी नंबर एक प्राथमिकता है। यही कारण है कि अकाली दल ने नशे के खिलाफ एक आंदोलन शुरू किया, जिसकी अगुवाई महिलाएं कर रही हैं, जिन्हे इस बुराई का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा।’’
बीबा बादल ने खरड़ में मावां-धीयां की रैली में बड़ी संख्या में पहुंचने के लिए महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए हलका इंचार्ज रविंदर सिंह खेड़ा की प्रशंसा की।
बीबा हरसिमरत कौर बादल ने महिलाओं से ड्रग माफिया का डटकर मुकाबला करने की अपील करते हुए कहा कि 2027 में अकाली दल सरकार बनने के बाद इस खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होने कहा कि पार्टी नशे के माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक महिला डीजीपी की अगुवाई में एक विशेष कार्यबल गठित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा,‘‘ मैं आपसे ड्रग बेचने वालों के साथ -साथ उन्हें कार्रवाई से बचाने वालों का विवरण दर्ज कराने की अपील करती हूं।’’ उन्होने यह भी बताया कि अगली अकाली दल सरकार नशे के तस्करों को दस साल तक जमानत देने से इंकार करने के लिए कानून में बदलाव करेगी और पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए उनकी सारी संपत्ति जब्त करेगी।
बठिंडा सांसद ने कहा कि पंजाब में हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गए हैं, क्योंकि दलजीत सिंह के शव को विरोध स्थल पर लेकर जाने के दौरान पुलिस ने शव का अपहरण कर लिया, जहां परविंदर सिंह झोटा का परिवार अपने बेटे के लिए न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है। यह दावा करते हुए कि दलजीत के परिवार के सदस्यों को भी पीटा गया, जब उन्होने पुलिस को उनका शव लेकर जाने से रोकने की कोशिश की। उन्होने कहा कि इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार न केवल नशे के तस्करों पर लगाम लगाने में नाकाम रही है, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां शिकायतकर्ताओं और मुखबिरों को डरा-धमका भी रही है। उन्होने कहा,‘‘ राज्य ने कल ही देखा कि पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में ड्रग के इस्तेमाल का खुलासा करने वाले एक सीआईएसएफ कांस्टेबल को पुलिस ने उठा लिया।’’
बीबा बादल ने यह भी कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री ने नशा विरोधी शहीद परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने से इंकार कर दिया और इसके बजाय वह अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए पेरिस जाने का फैसला किया। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी नशे के कारोबार के विरोध में काला झंडा दिखाने वाले मोहनजीत सिंह को प्रताड़ित किया और बिजली का करंट लगाए गए थे। उन्होने कहा कि दिड़बा के गुलजार सिंह का भी यही हाल है, जिन्होने वित्तमंत्री हरपाल चीमा से ‘चिटटा’ की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई नही किए जाने पर सवाल पूछे जाने पर उत्पीड़न का शिकार होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। उन्होने आगे कहा ,‘‘ इस तरह के मामलों ने मौत के दूतों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे असली शासक हैं और यही कारण है कि नशे का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है।’’
इस अवसर पर रविंदर सिंह खेड़ा,एसजीपीसी मैंबर परमजीत कौर लांडरां और सुखवीर कौर खेड़ा ने भी संबोधित किया।


