News Written by Priyanka Thakur
करवा चौथ आज: पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, चांद के दीदार का इंतजार
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर: प्रेम, विश्वास और सौभाग्य का प्रतीक करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत, सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा के दर्शन करने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह से ही व्रत की तैयारियों में जुट जाती हैं। दिनभर बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास रखने के बाद शाम को पूजा की जाती है। इसके बाद महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहता है। चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर और पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत खोला जाता है।
दिल्ली-NCR में मौसम बन सकता है परेशानी
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन को लेकर इस बार मौसम की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत कई शहरों में बारिश या आसमान में बादल छाए रहने की स्थिति चांद देखने में परेशानी पैदा कर सकती है। हालांकि, बादलों के कारण चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है, लेकिन इससे चंद्रोदय का वास्तविक समय नहीं बदलता।
ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखें और स्थानीय पंचांग के अनुसार चंद्रोदय का समय पता करें।
चांद निकलने के समय का रखें ध्यान
करवा चौथ पर चांद निकलने का समय शहर और भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए दिल्ली-NCR के साथ-साथ चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, जयपुर, लखनऊ, भोपाल और अन्य शहरों में रहने वाली महिलाओं को अपने स्थानीय समय की पुष्टि करनी चाहिए।
चंद्रमा के दर्शन के बाद परंपरागत विधि से पूजा और अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। यदि बादलों के कारण चांद दिखाई न दे, तो पूजा और व्रत पारण की विधि को लेकर परिवार की परंपरा या स्थानीय धार्मिक जानकारों से सलाह ली जा सकती है।
करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण का संदेश देता है। इस दिन महिलाएं परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
महत्वपूर्ण: अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का सटीक समय बताने के लिए स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय खगोलीय समय-सारणी की पुष्टि आवश्यक है।


