पंजाब में 2.19 लाख परिवारों को मिला प्रॉपर्टी कार्ड, ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना से मिलेगा कानूनी मालिकाना हक
चंडीगढ़, 3 नवंबर। पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक देने के लिए चलाई जा रही ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना के तहत अब तक 2.19 लाख से अधिक प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। राज्य के सभी 23 जिलों के 1,377 गांवों में 2 नवंबर 2026 तक यह उपलब्धि हासिल की गई है।
पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस योजना का उद्देश्य लाल लकीर यानी आबादी देह के भीतर रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्तियों का कानूनी मालिकाना प्रमाण उपलब्ध करवाना है। इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से गांवों के घरों और प्लॉटों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि पंजाब के कुल 10,689 गांवों को चार चरणों में कवर किया जाएगा। पहले चरण में 2,284 गांवों का काम 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 1,680 गांव नवंबर के अंत तक और तीसरे चरण में 1,152 गांव दिसंबर के मध्य तक कवर किए जाएंगे। शेष 5,579 गांवों को जनवरी 2027 तक योजना में शामिल करने की संभावना है।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि इस योजना से उन परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा, जो पिछले 30 से 40 वर्षों से आबादी देह में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास मकान के मालिकाना हक का कोई आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड नहीं था। गरीब और अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से लोग अपनी संपत्ति का पंजीकरण करवा सकेंगे और बैंक से कारोबार, शिक्षा, खेती या इलाज के लिए ऋण लेने में भी आसानी होगी। इसके अलावा संपत्ति संबंधी विवादों और प्रशासनिक परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि प्रॉपर्टी कार्ड में नाम या अन्य विवरण संबंधी गलती होने पर लोग फिलहाल पटवारी या तहसीलदार के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जिससे लोग घर बैठे सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब के सभी 10,689 गांवों के निवासियों को कानूनी मालिकाना अधिकार उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।


