जिला सैनिक बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में सैनिकों के कल्याणार्थ कई योजनाओं के प्रस्ताव रखे
कार्यान्वयन हेतु चण्डीगढ़ प्रशासन को भेजे
चण्डीगढ़ : जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी), चण्डीगढ़ की बैठक निशांत कुमार यादव, आईएएस, डिप्टी कमिश्नर-कम-प्रेसिडेंट, जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी) की अध्यक्षता में हुई जिसमें ब्रिगेडियर बीएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त), उपाध्यक्ष जेडएसबी, स्टेशन मुख्यालय, चंडीगढ़ के प्रतिनिधि लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल आरके सिंह (सेवानिवृत्त), केके शारदा (सामाजिक कार्यकर्ता) और कर्नल एचएस घुमन (सेवानिवृत्त), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने भाग लिया। बोर्ड ने भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। गहन विचार-विमर्श के बाद, बोर्ड ने विभिन्न प्रस्तावों को चंडीगढ़ प्रशासन को विचारार्थ और आवश्यक अनुमोदन के लिए भेजा है जिसमें अनुग्रह राशि मुआवजे की राशि बढ़ाने, युद्ध के दौरान शहीद होने वाले रक्षा सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के सैनिकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि की दर मौजूदा 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए करने, सरकारी भर्ती में अग्निवीरों के लिए आरक्षण देने, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी सेवा और प्रतिबद्धता को मान्यता देते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के अंतर्गत ग्रुप बी और ग्रुप सी पदों के लिए सभी सीधी भर्ती में अग्निवीर उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त 10 फीसदी आरक्षण देने, शारीरिक क्षति (घातक) के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना शुरू करने आदि की सिफारिशें शामिल हैं।
बोर्ड ने एक नई योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया जिसके तहत उन रक्षा कार्मिकों के निकटतम परिजनों को एकमुश्त 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जो युद्ध के दौरान अपनी जान गंवा देते हैं और जिन्हें युद्ध के दौरान हुई दुर्घटनाओं के अलावा घातक शारीरिक दुर्घटना के रूप में घोषित किया जाता है। उपायुक्त ने सैनिक विश्राम गृह के जीर्णोद्धार की तत्काल आवश्यकता पर भी बल दिया तथा जिला सैनिक बोर्ड के अधिकारियों को मुख्य अभियंता, चंडीगढ़ के साथ समन्वय स्थापित कर निविदा जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वीकृत योजना के अनुसार जीर्णोद्धार कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए। इन प्रस्तावों का उद्देश्य सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना है। सशस्त्र बलों के कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा किए गए निस्वार्थ बलिदान का समर्थन और मान्यता। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इस मामले में उचित कदम उठाते हुए इन सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।