सरकार ने स्मार्ट सिटी के नाम पर किया नहीं कुछ काम, प्रदेश में टूटी सडके, जलभराव और सीवर जाम: कुमारी सैलजा
Priyanka Thakur
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश में मानसून के आरंभ होते ही अधिकतर नगरों में जलभराव की भीषण समस्या सामने आ गई है। छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक, हर जगह सड़को पर पानी का अंबार, गड्ढों से भरी टूटी सड़के और सीवर की बदहाल व्यवस्था ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भाजपा सरकार ने स्मार्ट सिटी के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए पर हालात जस के तस बने हुए है, सरकार ने स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता के साथ मजाक किया है। इस प्रदेश में शहर स्मार्ट नहीं हुए ब्यूरोक्रेसी स्मार्ट होती जा रही है।
मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश की मौजूदा स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में 11 साल से भाजपा की सरकार है, इस सरकार ने योजनाओं के नाम पर पहले से लागू योजनाओं के नाम ही बदले है। सरकार जिन योजनाओं को लागू करने की बात करती है उन्हें इंपलीमेंट ही नहीं किया गया। सांसद ने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, रोहतक, पानीपत, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, करनाल और गुरुग्राम जैसे शहरों में लोगों को घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। नालों की सफाई न होने के कारण सड़को पर पानी भरा पड़ा है, गाड़ियों का आवागमन ठप है और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस गया है। छोटे दुकानदारों और रोज़मर्रा के कमाने-खाने वाले लोगों की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है। स्मार्र्ट सिटी गुरूग्राम में जलभराव को देखकर लगता है कि कही टापू पर नहीं आ गए या शहर में बाढ़ तो नहीं आ गई है। प्रदेश का ऐसा कोई शहर नहीं है जो जलभराव की समस्या से दो चार न हो रहा हो और ऊपर से अधिकारी दावा कर रहे है कि नालों की सफाई करा दी गई है, जलभराव से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है पर जरा सी बरसात सरकार के तमाम दावों की हवा निकालकर रख देती है।
कुमारी सैलजा ने कहा है कि यह विडंबना ही है कि एक ओर सरकार स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम जैसे स्मार्ट सिटी घोषित शहर में भी जरा सी बारिश में सड़को पर नाव चलाने की नौबत आ जाती है। भारत सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे शहरों में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन शहरों में न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था है और न ही बुनियादी सुविधाओं का कोई नामोनिशान। ये हालत दर्शाते हैं कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और आमजन को उसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। जिस प्रकार बारिश की कुछ बूंदों से ही शहरों की पोल खुल जाती है, वह शासन की असफलता का प्रतीक है। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि बजट का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिससे जनता को राहत देने के बजाय उन्हें और ज़्यादा संकट में धकेल दिया गया।
सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि सभी नगरों में जलभराव की तत्काल निकासी सुनिश्चित की जाए, सीवर व नालों की समयबद्ध और नियमित सफाई के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, स्मार्ट सिटी के तहत हुए खर्च की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और मुआवजे की घोषणा की जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव आम जनता की आवाज उठाती रही है और भविष्य में भी इन जनसमस्याओं को हर मंच पर पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। सांसद ने कहा कि प्रदेश के मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार को कम से कम अधिकारियों से जरूर पूछना चाहिए कि उनकी ओर से जो धनराशि भेजी गई थी उसका कहां कहां पर सदुपयोग किया गया है, केवल कागजी कार्रवाई पर भरोसा करने के बजाए उच्चाधिकारियों कौ मौके पर भेजकर उसका भौतिक सत्यापन करवाया जाए और जो भी दोषी मिले उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।