कहा, पंजाब बाढ़ जैसी स्थितियों के साथ निपटने के लिए पूरी तरह तैयार
चंडीगढ़, 6 अगस्तः
पंजाब के जल स्रोत मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज कहा कि पंजाब किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद किसी भी एमरजैंसी के साथ निपटने के लिए ज़िला स्तरीय कंट्रोल रूम मुकम्मल तौर पर कार्यशील हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए ठोस बाढ़ रोकथाम उपाय और व्यापक तैयारियों सम्बन्धी प्रोटोकोल लागू किये हैं और राज्य भर में बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचा और एमरजैंसी रिस्पांस प्रणालियों को लागू किया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य भर में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, एमरजैंसी रिस्पांस टीमें अलर्ट पर हैं और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में दरियाओं और ड्रेनेज प्रणालियों की निरंतर वास्तविक-समय की निगरानी की जा रही है। एमरजैंसी हालातों में तुरंत प्रतिक्रिया को यकीनी बनाने के लिए बाढ़ सम्बन्धी भविष्यवाणी के लिए उन्नत प्रणालियां और आगामी चेतावनी विधियां लागू की गई हैं। बाढ़ की स्थिति में तुरंत तालमेल के लिए जूनियर इंजीनियर-स्तर के अधिकारियों की निगरानी में ज़िला-स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किये गए हैं।
कंट्रोल रूमों के बारे जानकारी देते हुये कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ज़िला रोपड़ का कंट्रोल रूम नंबर 01881- 221157 है जबकि गुरदासपुर कंट्रोल रूम नं. 01874- 266376 और 18001801852, पठानकोट कंट्रोल रूम नं. 01862-346944, अमृतसर कंट्रोल रूम नं. 01832-229125, तरन तारन कंट्रोल रूम नं. 01852-224107, होशियारपुर कंट्रोल रूम नं. 01882-220412, लुधियाना कंट्रोल रूम नं. 0161-2520232, जालंधर कंट्रोल रूम नं. 0181-2224417 और 94176-57802, एस.बी.एस नगर कंट्रोल रूम नं. 01823-220645, मानसा कंट्रोल रूम नं. 01652-229082, संगरूर कंट्रोल रूम नं. 01672-234196, पटियाला कंट्रोल रूम नं. 0175-2350550 और 2358550, मोहाली कंट्रोल रूम नं. 0172-2219506, श्री मुक्तसर साहिब कंट्रोल रूम नं. 01633-260341, फरीदकोट कंट्रोल रूम नं. 01639-250338, फाजिल्का कंट्रोल रूम नं. 01638-262153 और 01638-260555, फ़िरोज़पुर कंट्रोल रूम नं. 01632- 245366, बरनाला कंट्रोल रूम नं. 01679-233031, बठिंडा बाढ़ कंट्रोल रूम नं. 0164-2862100 और 0164-2862101, कपूरथला कंट्रोल रूम नं. 01822-231990, फतेहगढ़ साहिब बाढ़ कंट्रोल रूम नं. 01763-232838, मोगा बाढ़ कंट्रोल रूम नं. 01636-235206 और ज़िला मलेरकोटला के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम नं. 01675- 252003 स्थापित किये गए हैं।
जल भंडारों में पानी के स्तर के बारे जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रमुख डैमों में मौजूदा पानी का स्तर सुरक्षित मापदण्डों के अंदर है। उन्होंने बताया कि भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1637.40 फुट है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1680 फुट है। इसी तरह 1390 फुट की अधिकतम क्षमता वाले पौंग डैम में पानी का स्तर 1373.08 फुट है और 1731.55 फुट की अधिकतम क्षमता वाले रणजीत सागर डैम में पानी का स्तर 1694.64 फुट है।
उन्होंने कहा कि जल स्रोत विभाग ने व्यापक बाढ़ रोकथाम रणनीतियां लागू की हैं, जिसमें 4766 किलोमीटर लम्बे ड्रेनों और जलमार्गों की सफ़ाई और गार निकालना, बाँध मज़बूती प्रोजेक्टों को मुकम्मल करना, बाढ़ रोकथाम के लिए 8.76 लाख रेत की बोरियों की खरीद की गई है जिसमें से 3.24 लाख रेत से भरी बोरियाँ पहले ही संभावित स्थानों के लिए उपलब्ध हैं और आपात स्थितियों के दौरान तेज़ी से रेत की बोरियों वाले स्थानों की शिनाख़्त के लिए इन स्थानों को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस) के साथ जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि एमरजैंसी रिस्पांस प्रोटोकोल में संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी, जल स्रोत विभाग के अधिकारियों की तरफ से निरंतर निरीक्षण, रोज़मर्रा के हैडक्वाटर को स्थिति रिपोर्टें जमा करवाना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एमरजैंसी निकासी योजनाओं को सक्रिय करना शामिल है। डिप्टी कमीशनरों और सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को जल स्रोत विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ उचित तालमेल करके 24 घंटे चौकसी बनाई रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दरिया के किनारों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नज़दीक रहने वाले लोगों से अपील की कि वे भारी बारिश के दौरान चौकस रहें और एमरजैंसी सहायता के लिए तुरंत कंट्रोल रूमों के साथ संपर्क करें, ज़रूरत पड़ने पर अधिकारियों द्वारा जारी किये जाने वाले आदेशों की पालना करें और पानी से भरे क्षेत्रों में जाने से गुरेज़ करें।
कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार बाढ़ से सम्बन्धित तैयारियों सहित किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति को प्रभावशाली ढंग से निपटने और मुस्तैद बाढ़ प्रबंधन व तेज़ एमरजैंसी रिस्पांस विधियों के द्वारा जान-माल के संभावित नुक्सान को घटाने के लिए पूरी तरह तैयार है।