अमन अरोड़ा ने केंद्र से 60 हज़ार करोड़ रुपये की रोकी गई राशि जारी करने और बाढ़ मुआवज़े में 3 गुना वृद्धि करने की मांग
केवल फोटो खिंचवाने की बजाय राज्य के लिए विशेष पैकेज सुनिश्चित करे पंजाब भाजपा नेतृत्व
‘आप’ के प्रदेश प्रधान अरोड़ा ने अजनाला और रामदास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुक़सान का लिया जायज़ा
चंडीगढ़/अमृतसर, 31 अगस्त:
अमृतसर ज़िले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार से 60,000 करोड़ रुपये की रोकी हुई राशि तुरंत जारी करने और राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवज़ा राशि में तीन गुना वृद्धि करने की मांग की है।
अजनाला और रामदास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद अरोड़ा ने रविवार को अमृतसर के सर्किट हाउस में लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया।
उन्होंने बाढ़ से हुए नुक़सान का जायज़ा लिया और ज़िला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का निरीक्षण किया। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार लोगों, उनके पशुओं और सामान की रक्षा करने के साथ-साथ भोजन और दवाइयों जैसी ज़रूरी आपूर्ति उपलब्ध करा रही है। बाढ़ से हुए नुक़सान का आकलन करने की प्रक्रिया जारी है।
बाढ़ संकट पर बात करते हुए अरोड़ा ने कहा कि लगभग तीन लाख एकड़ कृषि भूमि, जिस पर ज़्यादातर धान की खेती थी, जलभराव से प्रभावित हुई है। कटाई से कुछ हफ़्ते पहले आई इस आपदा से फ़सलों को भारी नुक़सान हुआ है। साथ ही, पशुधन की हानि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और झटका दिया है।
केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए अरोड़ा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्र ने पंजाब में 828 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की परियोजना रद्द कर दी, जिससे ग्रामीण सड़कों की स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता हेतु फंड जारी करने की अपील कर चुके हैं।
अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए मौजूदा मुआवज़ा बेहद कम है। फ़सलों के नुक़सान पर वर्तमान में प्रति एकड़ 6,800 रुपये मिलते हैं, जो किसानों के साथ मज़ाक है। इसी तरह, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.20 लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में 4 लाख रुपये की राशि भी अपर्याप्त है। उन्होंने मांग की कि फ़सलों के नुक़सान पर प्रति एकड़ 50 हज़ार रुपये मुआवज़ा दिया जाए और अन्य नुक़सानों के लिए भी उचित वृद्धि की जाए।
अरोड़ा ने यह भी कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 50,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुक़सान हुआ है और आर.डी.एफ. तथा एम.डी.एफ. में 8,000 करोड़ रुपये रोक दिए गए हैं। इसके बावजूद केंद्र ने राज्य को कोई विशेष पैकेज नहीं दिया।
उन्होंने पंजाब भाजपा नेतृत्व से अपील की कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केवल फोटो खिंचवाने की बजाय राज्य के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल करें। अरोड़ा ने ज़ोर देकर कहा—“यह समय है जब केंद्र सरकार को पंजाब की मदद के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।”