चंडीगढ़ — हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के वॉकआउट को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव लाया गया, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्ण समर्थन दिया। संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को असंसदीय और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े चुनाव सुधारों पर गंभीर और तथ्यात्मक चर्चा के लिए सरकार पूरी तैयारी के साथ सदन में मौजूद थी, लेकिन विपक्ष ने चर्चा से भागकर जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जब विधायक रामकुमार कश्यप द्वारा संविधान सम्मत तरीके से प्रस्ताव लाया गया, तब विपक्ष को सदन में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए थी।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस लगातार वोट चोरी का भ्रम फैला रही है और जब सच्चाई सामने लाने का समय आया, तो विपक्ष चर्चा छोड़कर चला गया। मुख्यमंत्री ने सदन में संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान का कांग्रेस बार-बार अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर भी सवाल खड़े किए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्र के दौरान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने, अविश्वास प्रस्ताव और चुनाव सुधारों जैसे तीन अहम विषयों पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए गए, लेकिन विपक्ष किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सच और झूठ को पहचानें और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से सावधान रहें।


