Written by: Priyanka Thakur – 24 Ghante News
चण्डीगढ़, 29 नवम्बर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की बहनों ने अपने कौशल, मेहनत और लगन से पूरे देश में पहचान बनाई है। हर घर में हुनर और हर हाथ को काम देना ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान है। आज राज्य के हजारों स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं।
पंचकूला में स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई महिला सिलाई, डेयरी, हस्तशिल्प या छोटा उद्योग शुरू करती है तो वह सिर्फ अपने परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाती है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 65 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और ब्रांडिंग की सुविधा देकर सशक्त बनाया है। महिलाएं पापड़, अचार, हैंडीक्राफ्ट, डेयरी उत्पादों के साथ जैविक खेती, डिजिटल सेवाओं और ई-कॉमर्स में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। रोहतक, गुरुग्राम और अन्य जिलों में कई महिलाएं पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा रही हैं। वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट नीति के तहत स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।
सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की निवेश सीमा बढ़ाकर उद्यमिता के अवसरों को और विस्तृत किया है। अब तक समूहों को लगभग 548 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। महिला समूहों को 5 लाख रुपये तक के ऋण पर स्टाम्प शुल्क से छूट भी दी जा रही है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सहायता समूहों ने महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को नया आयाम दिया है। विकसित हरियाणा और विकसित भारत के लक्ष्य में इन समूहों की भूमिका अत्यंत अहम है।
उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पहली किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा 1 लाख 80 हजार रुपये से कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडौली तथा विधायक शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद रहीं।


