चंडीगढ़, 4 अप्रैल:
पंजाब में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा पर संसद में राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दे न उठाने को लेकर तीखा हमला बोला है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा और मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताई।
नेताओं ने कहा कि कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद राघव चड्ढा ने पंजाब से जुड़े अहम वित्तीय और सामाजिक मुद्दों को संसद में नहीं उठाया। इनमें 8,500 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) बकाया, 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी घाटा और 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में इस उम्मीद के साथ भेजा गया था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की आवाज बनेंगे, लेकिन उन्होंने एक भी महत्वपूर्ण मुद्दा प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने इसे पंजाब के लोगों के भरोसे के साथ विश्वासघात बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फंड और जीएसटी मुआवजे से जुड़े मुद्दों को भी नजरअंदाज किया गया। बाढ़ राहत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की राशि अभी तक राज्य को नहीं मिली, लेकिन इस मुद्दे को भी संसद में नहीं उठाया गया।
पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि ऐसे समय में जब पंजाब को एक मजबूत आवाज की जरूरत थी, तब इस तरह की चुप्पी पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने राघव चड्ढा से आत्ममंथन करने और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की।
वहीं, कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि उनके मुद्दों को संसद में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आप नेताओं ने एक सुर में कहा कि पंजाब के मुद्दों को हर मंच पर मजबूती से उठाना जरूरी है और ऐसा न करना राज्य के लोगों के साथ अन्याय है।
✍️ रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर


