मक्खू/चंडीगढ़: भगवंत मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए इसे किसानों के लिए ऐतिहासिक तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मालवा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित होगी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 180 करोड़ रुपये की लागत से नहर की क्षमता में 2,681 क्यूसिक का इजाफा हुआ है। पहले इसकी क्षमता 11,192 क्यूसिक थी, जो अब बढ़कर 13,873 क्यूसिक हो गई है। उन्होंने कहा कि यह नहर हरिके हेडवर्क्स से शुरू होकर फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के लाखों किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना से 6,45,200 हेक्टेयर भूमि को सीधा लाभ मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों तक भी पानी पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि पहले राज्य के खेतों तक सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी पहुंचता था, जबकि अब यह बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले समय में इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट की गई है। पहले चरण में 15 किलोमीटर की लाइनिंग 35 दिनों में पूरी की गई, जिसके लिए हजारों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने युद्ध स्तर पर काम किया।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 74 वर्षों में नहरों की क्षमता बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग पर गंभीर काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने नहर सिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं और हजारों गांवों तक पानी पहुंचाया है।
पानी के बंटवारे के मुद्दे पर उन्होंने दोहराया कि पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और राज्य के हितों की रक्षा सर्वोपरि है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र से बॉर्डर फेंसिंग को सीमा के करीब ले जाने की मंजूरी मिली है, जिससे हजारों एकड़ जमीन पर खेती आसान होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ सिंचाई बल्कि भूजल स्तर सुधार, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।


