News Written By: Priyanka Thakur
हरियाणा में आम जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने समाधान शिविरों की औचक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों की स्थिति का जायजा लिया और नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में हर सोमवार और गुरुवार को उपायुक्त और उपमंडल अधिकारी कार्यालयों में समाधान शिविर लगाए जाते हैं, जहां नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखते हैं। इन शिविरों में जो शिकायतें मौके पर हल हो सकती हैं, उनका तुरंत निपटारा किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को 7 से 15 दिनों के भीतर सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि 10 जून 2024 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक लगभग डेढ़ लाख शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से करीब 78 प्रतिशत का सफल समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए।
बैठक के दौरान कुछ जिलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाधान शिविरों में अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि हर शुक्रवार को इन शिविरों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं इसकी अध्यक्षता करें। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


