By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सरकार के चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़े दावे किए। उन्होंने मुख्यमंत्री सेहत योजना को एक व्यापक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताते हुए कहा कि यह बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की गारंटी देती है।
उन्होंने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से तुलना करते हुए कहा कि जहां आयुष्मान योजना में कई पाबंदियां हैं, वहीं पंजाब की योजना सभी नागरिकों को समान रूप से कवर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्क नीयत और क्रियान्वयन में है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 883 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं और जल्द ही 400 और क्लीनिक बनाए जाएंगे। इन क्लीनिकों में 47 जांच और 107 दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि 5 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं और 94 प्रतिशत मरीज इन सेवाओं से संतुष्ट हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधनों को मजबूत किया है। पिछले चार वर्षों में बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट भर्ती किए गए हैं, जिससे लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग शुरू की गई है, जिससे हजारों मरीजों की समय पर पहचान हो रही है। इसके अलावा मिशन अमृत के तहत दिल के दौरे के मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे कैंसर के इलाज को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने निजी अस्पतालों को भी योजना में शामिल किया है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में राज्य को एक बेहतर और सशक्त स्वास्थ्य मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।


