चंडीगढ़, 7 अप्रैल 2026:
पंजाब में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 500 से अधिक कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं।
उन्होंने बताया कि इन टीमों में 145 ग्रुप-ए अधिकारी भी शामिल हैं, जो पूरे आकलन कार्य की निगरानी कर रहे हैं। ये टीमें अमृतसर, मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और मोगा जैसे प्रभावित जिलों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। यह कदम सरकार द्वारा किसानों को जल्द राहत पहुंचाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, करीब 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। मौसम की मार से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार इस कठिन समय में किसानों के साथ खड़ी है और हर प्रभावित किसान को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपायुक्तों से अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद राहत राशि जल्द जारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और खेतों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे किसानों के साथ लगातार संपर्क में रहें और उन्हें फसलों को बचाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी दें।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसल नुकसान के आकलन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा।


