By Priyanka Thakur
पंजाब में हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 1.30 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में गेहूं सहित रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। लगातार खराब मौसम के कारण यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
कृषि मंत्री ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर राज्य में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय टीम भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी और किसानों को बंपर उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अचानक मौसम खराब होने से स्थिति बदल गई है।
उन्होंने बताया कि नुकसान केवल गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जिलों में सब्जियों, हरे चारे और अन्य रबी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, अमृतसर, मोगा और मानसा जैसे जिलों में किसानों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यह हालात न केवल किसानों की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।
राज्य सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए हैं ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को जल्द राहत मिल सके। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए जल्द से जल्द राहत पैकेज घोषित किया जाए। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार केंद्रीय टीम को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि नुकसान का सही मूल्यांकन हो सके और प्रभावित किसानों को उनका हक मिल सके।


