पंजाब में पेंशन प्रक्रिया पर सख्ती, बैंकों को सुधार के निर्देश
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़, 9 अप्रैल:
पंजाब सरकार ने पेंशन भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेंशनर सेवा पोर्टल से जुड़े मुद्दों पर बैंकों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें देरी, लंबित मामलों और तकनीकी खामियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में पेंशन का भुगतान पूरी तरह बैंकों के प्रदर्शन और उनकी वास्तविक प्रगति पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि समयसीमा का पालन न करना और पेंशनरों को परेशानी में डालना बिल्कुल अस्वीकार्य है।
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पहले भी बैंकों को कई बार समयसीमा दी गई थी, लेकिन निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं किया गया। इसके चलते अब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पेंशन भुगतान को बैंकों की कार्यक्षमता से जोड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर 2025 की पेंशन का भुगतान जारी कर दिया गया है, लेकिन आगे के भुगतान बैंकों की प्रगति के आधार पर ही किए जाएंगे।
उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि पेंशनर सेवा पोर्टल और बैंकिंग सॉफ्टवेयर के बीच इंटीग्रेशन जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और केनरा बैंक इस प्रक्रिया को पूरा कर चुके हैं, जबकि अन्य बैंकों को इसमें तेजी लाने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करने, लंबित पीपीओ पीडीएफ अपलोड करने और स्क्रॉल में त्रुटियों को तुरंत ठीक करने के निर्देश भी दिए गए। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि बैंकों को मानक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से काम करना होगा।
बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि पेंशनरों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बैंकों को अपने आंतरिक सिस्टम में तुरंत सुधार करने और लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बुजुर्गों को समय पर उनका हक मिल सके।


