5 अक्टूबर 2025 | श्री आनंदपुर साहिब
Priyanka Thakur
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को श्री आनंदपुर साहिब में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित किया और उन्हें पंजाब की महान विरासत से युवाओं को जोड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और विद्यार्थियों के जीवन में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण कोई पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन है जो बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम मान ने श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक जाने वाले नई विरासत मार्ग (हेरिटेज स्ट्रीट) का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना 55 साल बाद साकार हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाए हैं —
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118 स्कूल ऑफ एमीनेन्स की स्थापना की गई है।
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गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए मुफ्त वर्दी और लड़कियों के लिए फ्री स्कूल बस सेवा शुरू की गई है।
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JEE, NEET, NIFT, CLAT जैसी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है।
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अब तक 265 विद्यार्थियों ने JEE Main, 44 ने JEE Advanced और 848 विद्यार्थियों ने NEET में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है —
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234 प्रिंसिपल्स ने सिंगापुर में शिक्षा प्राप्त की,
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152 हेड टीचर्स ने IIM अहमदाबाद में ट्रेनिंग ली,
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और 144 प्राइमरी टीचर्स ने फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू से विशेष शिक्षा ली है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित स्कूलों और कॉलेजों की बहाली का भी जिक्र किया और कहा कि पंजाब के लोगों ने इस आपदा से उबरने में अद्भुत साहस दिखाया।
उन्होंने कहा कि “गुरु” शब्द का अर्थ है — अंधकार को दूर करने वाला, और शिक्षक वही करता है — वह विद्यार्थियों के मन को ज्ञान की रोशनी से जगमगाता है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सांसद मालविंदर सिंह कंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


