चंडीगढ़, 8 फरवरी 2026:
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में पशुपालन क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दुग्ध उत्पादन, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण रोजगार के नए अवसर पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।
मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार पशु स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रही है, उन्नत नस्लों को बढ़ावा दिया जा रहा है और दुग्ध संग्रहण व विपणन की मजबूत व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही प्रशिक्षण और ऋण सुविधाओं का विस्तार भी किया गया है।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि 10 दुधारू पशुओं तक की मिनी डेयरी खोलने के लिए पशु की लागत पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। अब तक 2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से पशुपालकों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन में जोखिम कम करने के लिए पशुधन बीमा योजनाओं के तहत 26 हजार पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया है। सरकार ने गायों और भैंसों में ब्रूसैला रोग के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि विभाग की गांव अण्टेहडी की 53 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है, जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 287 महिला किसान डेयरी स्थापित कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित हरियाणा की पहचान हैं।


