जमानत मिलने से कोई बरी नहीं होता, मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा
*डेरा मुखी को जेल में मिलने नहीं जाना चाहिए था और जज नहीं बनना चाहिए: बलतेज पन्नू*
*संत-महात्मा रिश्तेदारियों से निर्लेप होते हैं, अदालती प्रक्रिया अदालत पर छोड़नी चाहिए: चीमा-पन्नू*
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत और डेरा ब्यास मुखी की जेल मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का मतलब बरी होना नहीं होता और मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मजीठिया की जमानत के बारे में बोलते हुए कहा कि जमानत मिलने से कोई भी व्यक्ति बरी नहीं हो जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं जो अदालत में पेश किए जाएंगे।

‘आप’ पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने डेरा ब्यास मुखी की मजीठिया के साथ जेल में मुलाकात को लेकर बड़ा बयान दिया है।
पन्नू ने कहा, “जो डेरा ब्यास के मुखी हैं, वो हमारे भी सम्मानीय हैं। दुनियाभर में डेरा ब्यास को मानने वाले बहुत लोग हैं। लेकिन मैं सम्मान सहित कहना चाहता हूं कि किसी डेरे के इतने बड़े मुखी को कम से कम जेल में मिलने नहीं जाना चाहिए था।”
बलतेज पन्नू ने आगे कहा, “जो संत-महात्मा होते हैं, वो रिश्तों-रिश्तेदारियों से निर्लेप होते हैं। मेरी जानकारी के मुताबिक ऐसा ही होना चाहिए।”
पन्नू ने यह भी कहा कि डेरा मुखी को जज नहीं बनना चाहिए था और कोई जजमेंट नहीं देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “यह अदालती प्रक्रिया है और इसे अदालत पर ही छोड़ देना चाहिए।”


