मोदी सरकार 3.0 द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026–27 केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि विकसित भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और सामाजिक रूप से संवेदनशील भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि बजट ‘विकास भी, विश्वास भी’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिससे हरियाणा जैसे अग्रणी राज्य को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। बजट में गरीब, युवा, महिला और किसान को विकास के केंद्र में रखा गया है। सरकार ने लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जिससे सड़क, रेल, औद्योगिक गलियारे और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।
युवाओं के लिए कौशल विकास और शिक्षा हेतु 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है, जिससे गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हरियाणा में वर्तमान में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जिसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये और बायोफार्मा पहल के तहत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट हरियाणा के विकास, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण को नई गति देगा।
News Written By: Priyanka Thakur


