Sunday, February 1, 2026
HomeपंजाबNITI Aayog Report: पंजाब में सेवा क्षेत्र 40.8% लोगों को दे रहा...

NITI Aayog Report: पंजाब में सेवा क्षेत्र 40.8% लोगों को दे रहा रोजगार, कृषि पीछे | 24 Ghante News

NITI Aayog Report: पंजाब में सेवा क्षेत्र 40.8% लोगों को दे रहा रोजगार, कृषि पीछे | 24 Ghante News

चंडीगढ़:
नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सबसे अधिक रोजगार सेवा क्षेत्र के माध्यम से सृजित हो रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में कुल रोजगार का 40.8 फीसदी हिस्सा सेवा क्षेत्र से आता है, जिससे लगभग 54 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके मुकाबले कृषि क्षेत्र की रोजगार में हिस्सेदारी 27.2 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि पंजाब को पारंपरिक रूप से कृषि प्रधान राज्य माना जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार सेवा क्षेत्र पुरुषों को 39.7 फीसदी और महिलाओं को 43.8 फीसदी रोजगार उपलब्ध करा रहा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि महिलाओं की भागीदारी सेवा क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक है। नीति आयोग ने सिफारिश की है कि महिलाओं के लिए समान वेतन नीति, व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और उभरते सेवा क्षेत्रों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाए।

सेवा क्षेत्र के उप-क्षेत्रों में थोक और खुदरा व्यापार सबसे आगे है, जो अकेले 33 फीसदी लोगों को रोजगार देता है। इसके बाद परिवहन एवं भंडारण (11%), शिक्षा (10.9%), घरेलू गतिविधियां (8.3%), स्वास्थ्य एवं सामाजिक कार्य (5.6%) और आवास एवं भोजन सेवाएं (4.7%) प्रमुख हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीते वर्षों में सेवा क्षेत्र में रोजगार लगातार बढ़ा है। वर्ष 2011-12 में जहां यह आंकड़ा 32 फीसदी था, वहीं 2023-24 में बढ़कर 40.8 फीसदी हो गया। हालांकि 2022-23 की तुलना में इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं दूसरी ओर, पंजाब में बढ़ती बेरोजगारी चिंता का विषय बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार 15 से 29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर 18.9 फीसदी और महिलाओं में 30.4 फीसदी दर्ज की गई है। सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही है।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता बनकर उभरा है, जो 40.8 फीसदी लोगों को रोजगार दे रहा है। कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 27.2 फीसदी रही। रिपोर्ट में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, कौशल विकास, समान वेतन नीति और उभरते सेवा क्षेत्रों में प्रशिक्षण बढ़ाने की सिफारिश की गई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments