प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में फर्नीचर और प्लाई उद्योग के विकास पर चर्चा
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़, 15 मार्च:
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस) 2026 के तीसरे और अंतिम दिन फर्नीचर और प्लाईवुड उद्योग के विकास से जुड़े विषयों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान उद्योग की संभावनाओं, कच्चे माल की उपलब्धता और पर्यावरणीय संतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
वन एवं वन्यजीव संरक्षण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रियांक भारती ने उद्घाटन भाषण में कहा कि कृषि वानिकी फर्नीचर और प्लाई उद्योग के लिए कच्चे माल का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी टिकाऊ है।
उन्होंने बताया कि लकड़ी आधारित कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार वृक्ष संरक्षण कानून से छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इससे किसानों को अपने खेतों में लकड़ी देने वाले पेड़ों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उद्योग को स्थायी कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा।
सत्र के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में विरगो पैनल्स के प्रबंध निदेशक नरेश तिवाड़ी, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स से जुड़े सुनील शेखावत, सावित्री वुड्स के निदेशक मुकेश गोयल और पंजाब प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदरजीत सिंह सोहल ने अपने विचार साझा किए।
पैनल विशेषज्ञों ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के लिए कुशल श्रमिकों के प्रशिक्षण और सुरक्षा को जरूरी बताया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं को अपनाने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि सफेदा और पॉपलर जैसे तेजी से बढ़ने वाले वृक्षों की खेती खाली पड़ी जमीन पर की जा सकती है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और उद्योग को लकड़ी का स्थायी स्रोत मिलेगा।



