चंडीगढ़, 1 फरवरी:
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय बजट को लेकर गहरी नाराज़गी और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस बजट में पंजाब और यहां के किसानों की अहम जरूरतों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए स. खुड्डियां ने कहा कि बजट के प्रस्तावों का वास्तविक असर तो विस्तृत अध्ययन के बाद सामने आएगा, लेकिन शुरुआती संकेत बेहद निराशाजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य को भारी बाढ़ का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक मांगा गया राहत पैकेज जारी नहीं किया। उन्होंने इसे पंजाब के साथ अन्याय बताया।
कृषि संकट पर बोलते हुए स. खुड्डियां ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है, लेकिन बजट में इस क्षेत्र की मूल समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया। डीज़ल, खाद और कीटनाशकों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को कोई राहत नहीं दी गई।
उन्होंने फसल बीमा योजना के बजट में कटौती और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसी ठोस घोषणा के अभाव की कड़ी आलोचना की। वहीं, उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार विफल रही है, वहां पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपये की सहायता देकर जिम्मेदारी निभाई है।
स. खुड्डियां ने कहा कि पंजाब देश की खाद्य और राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, फिर भी उसके जायज़ हकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।


