पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर जल्द ही एक सख्त कानून लागू किया जाएगा। इस संबंध में पंजाब विधानसभा द्वारा गठित विशेष कमेटी अपनी रिपोर्ट जल्द पेश करने वाली है, जिसके बाद सरकार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। यह जानकारी आम आदमी पार्टी के जॉइंट सेक्रेटरी और प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने साझा की।
बलतेज पन्नू ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा सरकार को बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सलाह दी गई थी, जिसे सरकार ने पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शुरू से ही इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और राज्य का अपना अलग एवं कड़ा कानून जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा।
पन्नू ने यह भी स्पष्ट किया कि बेअदबी चाहे किसी भी धर्मग्रंथ की हो, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बनाई गई विधानसभा कमेटी ने अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों के दौरान सभी वर्गों से सुझाव लिए गए हैं, ताकि कानून सर्वसम्मति और संवेदनशीलता के साथ बनाया जा सके।
गौरतलब है कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों—गुरु ग्रंथ साहिब, गीता, बाइबल और कुरान—की बेअदबी रोकने के लिए “पंजाब पवित्र ग्रंथ अपराध निवारण बिल 2025” तैयार किया था। इस विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में पेश किया गया था। अब इसके छह महीने पूरे होने जा रहे हैं, ऐसे में सरकार इसे जल्द अंतिम रूप देने की तैयारी में है।
पंजाब सरकार का कहना है कि यह कानून राज्य की शांति, आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए एक मजबूत कदम साबित होगा।


