प्रियंका ठाकुर | चंडीगढ़ | 11 मार्च 2026
पंजाब विधानसभा ने बुधवार को तीन दिनों तक चली विस्तृत बहस के बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पारित कर दिया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चर्चा का समापन करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार के पिछले चार वर्षों के कार्यों का उल्लेख किया और विभिन्न विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब दिया।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के चलते राज्य के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। सख्त निगरानी और पारदर्शी शासन व्यवस्था के कारण सरकारी खजाने में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि आबकारी राजस्व 20,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जीएसटी संग्रह 61,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,21,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं स्टांप और रजिस्ट्रेशन से होने वाला राजस्व भी 12,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो गया है।
रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2022 में सरकार के पहले कैबिनेट फैसले में 30,000 सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार ने इससे भी आगे बढ़कर अब तक 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को दी हैं। इससे युवाओं के विदेश पलायन को रोकने में भी मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों से मिले भारी कर्ज के बावजूद पंजाब ने कर्ज-से-जीडीपी अनुपात को 48 प्रतिशत से घटाकर 45 प्रतिशत तक लाने में सफलता हासिल की है और 21,860 करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान भी किया है।
सरकार ने महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता योजना लागू कर जनता से किए गए प्रमुख वादों को भी पूरा किया है।


