प्रियंका ठाकुर | चंडीगढ़ | 11 मार्च 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्षी दलों पर बजट चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे महिलाओं को 1,000 रुपये देने के ऐतिहासिक फैसले का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दशकों तक लोगों को गरीबी में धकेलने वाली पार्टियां अब आम आदमी पार्टी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से घबरा गई हैं।
पंजाब सरकार के पांचवें वार्षिक बजट को “शहीदों के सपनों का बजट” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट शहीद भगत सिंह और शहीद उधम सिंह के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चार वर्षों के भीतर अपनी सभी चुनावी गारंटियां पूरी कर दी हैं और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए नया एजेंडा भी तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पहले से जानता है कि 2027 में भी भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनेगी, इसलिए वे बजट बहस से दूर रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने चार वर्षों में जनता से किए सभी वादों को पूरा किया है।
उन्होंने बताया कि बजट में 97 प्रतिशत महिलाओं को मुख्यमंत्री मावां-धीयां सम्मान योजना का लाभ देने, 40 लाख परिवारों को मेरी रसोई योजना के तहत मुफ्त राशन देने और 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिनमें होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, लहरागागा, मलेरकोटला और लुधियाना शामिल हैं। इन कॉलेजों के बनने से एमबीबीएस की लगभग 600 सीटें बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिकों में अब तक 5 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती हैं। इसके साथ ही पंजाब पुलिस में 10,000 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पारंपरिक सरकारों ने पंजाब के विकास की बजाय जनता को नजरअंदाज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां चुनावों के दौरान पैसे और शराब बांटकर वोट हासिल करती रही हैं।
उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष कहता था कि भगवंत सिंह मान एक साल भी मुख्यमंत्री नहीं रह पाएंगे, लेकिन अब चार साल पूरे हो चुके हैं और 2027 के बाद भी वही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।


