Friday, January 2, 2026
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पंजाब सरकार द्वारा 10 लाख रुपये की नकदी रहित सेहत बीमा योजना के लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौता सहीबद्ध

पंजाब सरकार द्वारा 10 लाख रुपये की नकदी रहित सेहत बीमा योजना के लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौता सहीबद्ध

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 15 जनवरी को सेहत बीमा योजना का करेंगे शुभारंभ

नई योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों सहित पंजाब के सभी नागरिकों को प्रति परिवार हर साल 10 लाख रुपये के नकदी रहित इलाज की मिलेगी सुविधा: डॉ. बलबीर सिंह’’

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौते पर हुये हस्ताक्षर

कोई आय सीमा या किसी को बाहर रखने की शर्त नहीं; मूल निवासी अपने आधार कार्ड एवं वोटर आईडी से करवा सकते हैं नाम दर्ज: स्वास्थ्य मंत्री

योजना के तहत सुचारू ढंग से सेकेंडरी एवं टर्शरी केयर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए 824 अस्पताल पहले ही सूचीबद्ध

चंडीगढ़, 2 जनवरी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के वादे के अनुसार प्रदेश के सभी लोगों के लिए व्यापक स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार इस महीने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एम.एम.एस.वाई.) शुरू करने जा रही है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये गये, जिसके तहत पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपये का नकदी रहित सेहत बीमा प्रदान किया जाएगा।

यह समझौता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा जनवरी 2026 में इस योजना को शुरू करने के हालिया ऐलान के बाद किया गया है ताकि पंजाब के हर परिवार के लिए स्वास्थ्य सेवाएं एवं वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस समझौते पर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एस.एच.ए.) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.ई.ओ.) संयम अग्रवाल एवं यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के कार्यकारी निदेशक मैथ्यू जॉर्ज ने हस्ताक्षर किए।

इसे एक महत्वपूर्ण सुधार बताते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पहले प्रदान किए जा रहे 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवरेज, जो कुछ विशेष श्रेणियों तक ही सीमित था, को दोगुना कर दिया गया है। इसलिए नई योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनरों सहित पंजाब के सभी निवासियों को प्रति परिवार प्रति साल 10 लाख रुपये तक नकदी रहित इलाज प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एवं आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल 15 जनवरी, 2026 को इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह योजना पूरी तरह समानता के सिद्धांत पर आधारित तैयार की गई है, जिसमें कोई आय सीमा या किसी को योजना के दायरे से बाहर रखने के मानदंड नहीं हैं। केवल आधार एवं वोटर आईडी का उपयोग करके कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के माध्यम से पंजीकरण को सरल एवं पहुंचयोग्य बनाया गया है, जिसके बाद लाभार्थियों को समर्पित एम.एम.एस.वाई. स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।

इस योजना के कार्यात्मक ढांचे के बारे में बात करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी – जिसका चयन तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में बेहतरीन सेहत बीमा योजनाओं को लागू करने में अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए किया गया है, के द्वारा प्रदेश के सभी 65 लाख परिवारों को प्रति परिवार 1,00,000 रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1,00,000 से 10,00,000 रुपये के बीच इलाज की जरूरतों संबंधी स्टेट हेल्थ एजेंसी (एस.एच.ए.), पंजाब द्वारा ट्रस्ट के आधार पर बीमा प्रदान किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यूनाइटेड इंडिया कंपनी का चयन सीपीडी प्रोसेसिंग को कुशल ढंग से प्रबंधित करने में विशेषज्ञों की सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे क्लेम सेटलमेंट एवं भुगतान जारी होने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि यह स्कीम नवीन स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी 2.2) को अपनाती है, जो 2000 से अधिक सिलैक्टिड इलाज पैकेजों के माध्यम से व्यापक कवरेज सुनिश्चित करती है। इस योजना के तहत लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के मजबूत नेटवर्क तक पहुंच करके सेकेंडरी एवं टर्शरी स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं, जिनमें वर्तमान समय में 212 सरकारी अस्पताल, भारत सरकार के अधीन आठ अस्पताल एवं 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ इस योजना के अधीन सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल भी मौजूद थे।
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