चंडीगढ़, 6 जनवरी | Priyanka Thakur
पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रविवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब में आयोजित की गई, जिसमें सरकारी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।
बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पंजाब, पंजाब हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन (पीएचएनए), पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज (पीसीएमएस) के डॉक्टरों और कई प्रमुख निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) कुमार राहुल और एसएचए के सीईओ संयम अग्रवाल भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को बिना किसी वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएमएसवाई के सफल क्रियान्वयन के लिए नैतिक चिकित्सकीय आचरण, पारदर्शिता और निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य होगा, जिसमें किसी भी प्रकार की ढील स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस योजना में निजी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को साझेदार मानती है और उनसे उच्च पेशेवर मानकों की अपेक्षा करती है। बैठक के दौरान निजी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों ने संशोधित पैकेज मास्टर एचबीपी 2.2 के तहत नई प्रतिपूर्ति दरों और उच्च पैकेज विकल्प की सराहना की।
प्रतिनिधियों ने योजना के तहत लाभार्थियों के शीघ्र नामांकन और सूचीबद्धता प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। पीसीएमएस डॉक्टरों ने कहा कि यह योजना सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आम जनता को मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करेगी।
बैठक का समापन सभी हितधारकों द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को जन-केंद्रित और पारदर्शी स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडल बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।


