चंडीगढ़, 10 जनवरी:
पंजाब को देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उच्च-स्तरीय डिफेंस स्किल्स कनक्लेव का आयोजन किया। रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य की अथाह क्षमताओं को भारत की रक्षा आवश्यकताओं से जोड़ना था।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब देश की आबादी का मात्र 2 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सेना में राज्य का योगदान 12 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध तकनीकों के युग में केवल बहादुरी ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीकी कौशल भी आवश्यक है। पंजाब सरकार राज्य को ऐसा केंद्र बनाना चाहती है जहां से न केवल सैनिक बल्कि कुशल तकनीशियन और इंजीनियर भी तैयार हों।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की मजबूत सैन्य परंपरा, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आदमपुर जैसे बड़े एयरफोर्स बेस राज्य को रक्षा उद्योग के लिए आदर्श बनाते हैं। सरकार उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर कौशल की खाई को भरने के लिए लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित कर रही है।
भारत सरकार के रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने सम्मेलन की सराहना करते हुए इसे भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर पंजाब सरकार ने एस.आई.डी.एम., नैसकॉम, माइक्रोसॉफ्ट, आई.बी.एम. और 1एम1बी जैसी संस्थाओं के साथ समझौते किए, जिनका उद्देश्य युवाओं को उच्च-मूल्य रक्षा एवं एयरोस्पेस नौकरियों के लिए तैयार करना है।


