शिक्षा विभाग में 606 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र, सीएम मान बोले–सरकार का फोकस काम पर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा विभाग में 606 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर सीएम मान ने कहा कि सरकार का फोकस क्रेडिट लेने की राजनीति नहीं, बल्कि काम को ज़मीन पर उतारने और कर्मचारियों से सीधे संवाद पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाएगा और गैर-शैक्षणिक कार्यों पर सख्ती बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाती है, ताकि भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए। यह कदम राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
चंडीगढ़ | प्रियांका ठाकुर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को शिक्षा विभाग में नियुक्त 606 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि नीतियों को धरातल पर उतारना और कर्मचारियों से सीधे संवाद स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और सभी कानूनी अड़चनों को पहले ही दूर कर लिया जाता है, ताकि नियुक्ति के बाद किसी भी प्रकार की रोक या विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का फोकस “क्रेडिट वॉर” नहीं, बल्कि काम करने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
सीएम मान ने शिक्षकों को लेकर अहम संदेश देते हुए कहा कि उनसे केवल पढ़ाई से जुड़ा काम ही लिया जाएगा। गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की पुरानी परंपरा पर सख्ती बरती जाएगी, ताकि शिक्षक पूरी तरह विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती है। सरकार स्कूलों और शिक्षा विभाग में जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध करवाकर शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम मान ने भरोसा जताया कि ये नियुक्तियां राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।


