चंडीगढ़, 1 जनवरी।
पंजाब सरकार की शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल के तहत पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (PACE) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विंटर रेज़िडेंशियल कैंपों में सरकारी स्कूलों के 1700 से अधिक विद्यार्थियों को आईआईटी, एनआईटी, एम्स और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी करवाई गई। यह जानकारी पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने दी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन विंटर कैंपों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को देश की शीर्ष शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए सक्षम बनाना है। तीन आवासीय केंद्रों—बठिंडा, लुधियाना और एस.ए.एस. नगर (मोहाली)—में आयोजित इन कैंपों में कुल 1728 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी रही, जो शिक्षा में लैंगिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान कर सरकारी स्कूल शिक्षा को नई दिशा दी गई है।
उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित रही, जिसमें मॉक टेस्ट और शैक्षणिक प्रदर्शन को आधार बनाया गया। कैंपों में फिजिक्सवाला, विद्या मंदिर और अवंती फेलोज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही डाउट-क्लियरिंग सेशन, मेंटरशिप, स्ट्रेस मैनेजमेंट और करियर गाइडेंस पर विशेष ध्यान दिया गया।
शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सफलता दर को और मजबूत करेगी और पंजाब को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल राज्य बनाएगी।
— Priyanka Thakur


