चंडीगढ़, 10 फरवरी:
पंजाब के खनिज संसाधनों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है। फाजिल्का जिले में “G-4 पोटाश एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट” को केंद्र सरकार के खान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास की परियोजना स्वीकृति समिति ने 9 फरवरी 2026 को मंजूरी दे दी है।
पंजाब के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री बारिंदर कुमार गोयल ने बताया कि “चोहरियांवाली क्षेत्र, जिला फाजिल्का में पोटाश के लिए G-4 रिकॉनिसेंस सर्वे” शीर्षक वाली यह परियोजना मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जाएगी। यह सर्वे 48 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 1903.11 लाख रुपये है और इसे 21 महीनों में पूरा किया जाएगा।
स्वीकृत योजना के अनुसार, परियोजना की नौ महीने बाद समीक्षा की जाएगी। पहले चरण में 6 बोरहोल की ड्रिलिंग की जाएगी, जिसमें कुल 5700 मीटर ड्रिलिंग होगी। दूसरे चरण में संभावित क्षेत्रों में 9 अतिरिक्त बोरहोल की ड्रिलिंग की जाएगी, जिसकी कुल गहराई 8550 मीटर होगी।
मंत्री ने बताया कि जनवरी माह में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय खानिज चिंतन शिविर 2026 के दौरान उन्होंने पंजाब में पोटाश अन्वेषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने फाजिल्का में संभावित पोटाश संसाधनों को रेखांकित करते हुए तेज़ी से ड्रिलिंग और भूवैज्ञानिक मैपिंग की आवश्यकता बताई थी।
पंजाब सरकार के अनुरोध पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने फाजिल्का के केरा खेड़ा और सैयदवाला ब्लॉक में रिकॉनिसेंस सर्वे तथा कंधवाला रामसरा ब्लॉक में प्रारंभिक अन्वेषण का प्रस्ताव भी रखा है।
बारिंदर कुमार गोयल ने कहा कि देश की लगभग 99 प्रतिशत पोटाश आवश्यकता आयात से पूरी होती है। ऐसे में घरेलू अन्वेषण से कृषि क्षेत्र, किसानों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को बल मिलेगा।


