चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026
पंजाब के निर्माण मजदूर, जो वर्षों तक राज्य के सबसे उपेक्षित नागरिक रहे, अब भगवंत मान सरकार के शासन में सम्मान और अधिकार पा रहे हैं। सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और घरों के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले इस वर्ग के लिए पहले कल्याण योजनाएं केवल कागजों तक सीमित थीं, लेकिन अब उनकी स्थिति में निर्णायक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने मजदूरों की परेशानियों को समझते हुए सिस्टम का पुनर्गठन किया है। पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के ढांचे को मजबूत किया गया है ताकि तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। पहले जहां लाभ मिलने में औसतन 203 दिन लगते थे, अब यह समय घटकर 73 दिन रह गया है।
सरकार ने अनावश्यक शर्तें हटाकर कल्याण योजनाओं को मानवीय बनाया है। प्रसव लाभ के लिए बाल आधार की शर्त समाप्त करना इसका प्रमुख उदाहरण है। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाते हुए तकनीक का इस्तेमाल मजदूरों की परेशानी कम करने के लिए किया गया है।
इन सुधारों का सीधा असर दिख रहा है। कल्याण वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इस वर्ष अब तक 81 हजार से अधिक निर्माण मजदूरों को लाभ मिल चुका है। स्वास्थ्य बीमा की राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे आपात स्थिति में बिना रुकावट इलाज संभव हो पाया है।
श्रम मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच से पंजाब न केवल विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा बना रहा है, बल्कि उन्हें बनाने वाले मजदूरों को भी सम्मान दे रहा है। पंजाब का यह मॉडल अब देशभर में श्रम कल्याण के लिए मिसाल बनता जा रहा है।


