पंजाब सरकार ने भारत की पोटाश आयात पर निर्भरता कम करने और कृषि के लिए घरेलू खनिज स्रोतों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और पंजाब खनन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य फील्ड सीज़न 2025-26 के दौरान पूर्ण हुए खोज ब्लॉकों, चल रही ड्रिलिंग गतिविधियों और आगामी फील्ड सीज़न 2026-27 के लिए प्रस्तावित खोज योजनाओं की समीक्षा करना था। विशेष रूप से फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में पोटाश की बड़ी संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जीएसआई अधिकारियों ने बताया कि कबरवाला ब्लॉक और शेरगढ़-दलमीरखेड़ा ब्लॉक में जी-4 स्तर की खोज पूरी हो चुकी है और भू-वैज्ञानिक मेमोरेंडम राज्य सरकार को सौंपे जा चुके हैं। वहीं, राजपुरा-राजावाली और गिदड़ांवाली-अज़ीमगढ़ ब्लॉकों में ड्रिलिंग कार्य अंतिम चरण में है, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट अप्रैल तक आने की संभावना है।
फील्ड सीज़न 2026-27 के लिए केरा-खेड़ा, सईदवाला और कंधवाला-रामसरा ब्लॉकों में नई खोज और प्रारंभिक खोज की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, इवैपोराइट बेसिन के भू-भौतिक सर्वेक्षण से अन्य खनिज समृद्ध क्षेत्रों की संभावनाएं भी सामने आई हैं।
बैठक में मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने के लिए मासिक समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोटाश खेती और किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है और इसकी खोज में सफलता से किसानों, राज्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को बड़ा लाभ मिलेगा।
News written by: Priyanka Thakur


