पंजाब सरकार की Punjab Sikhya Kranti के तहत शिक्षा सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। शनिवार को राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में आयोजित दूसरे राज्य स्तरीय अभिभावक कार्यशाला में 17.5 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया मानक स्थापित किया।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस मेगा अभियान का उद्देश्य शिक्षा को तनावमुक्त बनाना, परीक्षा तैयारी में अभिभावकों की भूमिका मजबूत करना और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना रहा। इस पहल का नेतृत्व राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सहभागितापूर्ण शिक्षा नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से अभिभावक बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय भागीदार बने हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के सरकारी हाई स्कूल मानकपुर में कार्यशाला का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि कार्यशालाओं में तनावमुक्त परीक्षा तैयारी, बच्चों में आत्मविश्वास निर्माण और ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा रोकथाम पर विशेष फोकस किया गया।
इस राज्यव्यापी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों और लगभग 40,000 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया। पांच कैबिनेट मंत्रियों और 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यशालाओं में भाग लेकर शिक्षा प्रणाली को सशक्त करने का संदेश दिया।
यह पहल न केवल शिक्षा सुधार बल्कि प्रशासनिक क्षमता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।


