Punjab Tax Recovery: 11968 करोड़ टैक्स बकाया, रिकवरी सिर्फ 52 करोड़, सरकार ने बढ़ाई OTS स्कीम
पंजाब में जीएसटी से पहले के करों के तहत 11968 करोड़ रुपये बकाया हैं। OTS स्कीम से अब तक सिर्फ 52 करोड़ की रिकवरी, समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ी।
पंजाब में कारोबारियों, उद्यमियों और राइस मिलरों पर जीएसटी लागू होने से पहले विभिन्न कर कानूनों—वैट और केंद्रीय विक्रय कर सहित—के तहत सरकार का करीब 11,968.88 करोड़ रुपये बकाया है। इस भारी-भरकम टैक्स राशि की वसूली के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम से अब तक बेहद कम सफलता मिली है। 31 दिसंबर तक इस योजना के तहत सिर्फ 52 करोड़ रुपये की ही रिकवरी हो सकी है, जिसे सरकार ने चिंताजनक बताया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यदि यह बकाया राशि वसूल हो जाती है तो राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने OTS स्कीम की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है। यह योजना पहले 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक लागू थी और इसे अंतिम अवसर बताया गया था, लेकिन जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन और अन्य हितधारकों की मांग पर इसकी अवधि बढ़ाई गई।
कर विभाग को इस स्कीम के तहत अब तक 6,348 सेटलमेंट आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 3,574 मामलों का ही निपटारा हो पाया है। इन मामलों में मात्र 52 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। व्यापारियों के साथ-साथ राइस मिलरों पर भी करों की बड़ी रकम बकाया है।
योजना के तहत एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत तथा टैक्स राशि में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है। एक से 25 करोड़ रुपये तक के बकाया पर टैक्स में 25 प्रतिशत और इससे अधिक राशि पर 10 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। हालांकि यह योजना सरकारी खाद्य एजेंसियों पर लागू नहीं होगी।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च के बाद डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त वसूली कार्रवाई की जाएगी।
प्रियंका ठाकुर


